अजमेर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) द्वारा कांग्रेस को ‘MMC यानी मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस’ कहे जाने के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। राजस्थान के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास (Pratap Singh Khachariyawas) ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर देश को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। खाचरियावास ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह बयान उनकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लोगों के बीच धार्मिक तनाव बढ़ाना और वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाना है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं ने AI समिट में अपना विरोध दर्ज कराया, तो इसमें गलत क्या था?
“भाजपा 11 साल से कर रही है बांटने की राजनीति”
प्रेस से बातचीत के दौरान खाचरियावास ने कहा कि भाजपा ने पिछले 11 सालों में देश को बांटने का ही एजेंडा आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जिस समय देश बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं से जूझ रहा है, उस समय सरकार देश को जोड़ने के बजाय लोगों को धर्म के आधार पर बांटने की राजनीति कर रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्र सरकार यह समझने में विफल रही है कि देश की जनता अब भड़काऊ भाषणों के बजाय रोजगार और राहत चाहती है। खाचरियावास के अनुसार, भाजपा बार–बार धर्म के मुद्दे उठाकर युवाओं का ध्यान उनके भविष्य से भटकाने की कोशिश कर रही है।
“अब हिंदुओं के मन में डर पैदा कर वोट लिए जा रहे हैं”
खाचरियावास ने पीएम मोदी के उस बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने कांग्रेस की तुलना मुस्लिम लीग और माओवादियों से की थी। उन्होंने कहा कि इतिहास में मुगल काल, राजाओं के शासन या अंग्रेजों के दौर में हिंदू–मुस्लिम के बीच इतना तनाव कभी नहीं रहा, लेकिन आज के दौर में हिंदुओं के मन में जानबूझकर डर पैदा करके वोट लिए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता के अनुसार, भाजपा ने धार्मिक ध्रुवीकरण को अपने राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि यह देश की एकता और सामाजिक सौहार्द के लिए बेहद खतरनाक है।
“युवा आपकी असली मंशा समझ चुका है”
खाचरियावास ने मोदी सरकार पर युवाओं से जुड़े मुद्दों की अनदेखी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना किसी की मांग के यूजीसी में नया नियम लागू करने की कोशिश की, जिसका मकसद बेरोजगारी के मुद्दे से ध्यान हटाना था। उन्होंने कहा कि आज देश में युवा बेरोजगारी से परेशान हैं, किसान कर्ज़ और नुकसान से टूट चुके हैं, व्यापारी सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग से दहशत में हैं और महंगाई से आम जनता त्रस्त है। कांग्रेस नेता का कहना है कि सरकार की नीतियों का बोझ अब सीधे देश के युवाओं और मध्यमवर्ग पर पड़ रहा है, लेकिन केंद्र इसकी अनदेखी कर रहा है।
“चुनाव से पहले किए गए वादों का क्या हुआ?”
खाचरियावास ने प्रधानमंत्री के चुनावी वादों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी ने कहा था कि राजस्थान में पेट्रोल–डीजल के दाम पंजाब के बराबर किए जाएंगे, लेकिन सरकार ने अब इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली है। उन्होंने कहा कि महंगाई कम करने, रोजगार देने और किसानों को राहत पहुंचाने जैसे वादे सिर्फ भाषणों तक सीमित रह गए हैं। जनता इंतजार कर रही है कि सरकार कब अपने वादे पूरे करेगी।
“देश के मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश”
खाचरियावास ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का MMC बयान असल मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि जब अर्थव्यवस्था, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर सवाल उठते हैं, तब सरकार धार्मिक और भावनात्मक बहसें शुरू कर देती है।


