राजस्थान में छात्रसंघ चुनावों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज होती दिखाई दे रही है। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा है कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों से ली जाने वाली विभिन्न निधियों को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा और छात्रसंघ चुनावों को पूर्व की तरह कराने के लिए संगठन लगातार प्रयास करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रसंघ चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और इससे छात्रों को नेतृत्व के अवसर मिलते हैं। इसलिए संगठन इस मुद्दे को गंभीरता से उठाएगा और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगा।
कॉलेजों में ली जाने वाली राशि को बेकार नहीं जाने देंगे
विनोद जाखड़ ने कहा कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों से विभिन्न गतिविधियों और छात्रसंघ से जुड़ी निधि के नाम पर राशि ली जाती है। यदि छात्रसंघ चुनाव ही नहीं होते तो यह राशि किस उद्देश्य के लिए ली जा रही है, यह भी एक बड़ा सवाल बन जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनएसयूआई इस मुद्दे को उठाएगी और सुनिश्चित करेगी कि छात्रों से ली जाने वाली राशि का सही उपयोग हो। उनका कहना था कि छात्रों के पैसे का उपयोग छात्रों के हित में ही होना चाहिए और इसे किसी भी स्थिति में व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।
छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की कोशिश
जाखड़ ने कहा कि एनएसयूआई का उद्देश्य छात्रसंघ चुनावों को फिर से पूर्व की तरह नियमित रूप से आयोजित कराना है। उन्होंने बताया कि संगठन इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले कॉलेज स्तर पर छात्रसंघ अध्यक्षों का चुनाव पहले की तरह कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर भी छात्रसंघ चुनाव आयोजित कराने की दिशा में पहल की जाएगी।
जाखड़ का कहना था कि छात्रसंघ चुनाव केवल एक प्रक्रिया नहीं बल्कि लोकतांत्रिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिससे छात्रों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर मिलता है।
केंद्र सरकार की नीतियों पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान विनोद जाखड़ ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई ऐसी नीतियां लागू की जा रही हैं जो छात्रों और युवाओं के हित में नहीं हैं। जाखड़ का कहना था कि छात्र और युवा देश के भविष्य होते हैं, इसलिए उनकी शिक्षा और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई हमेशा छात्रों और युवाओं की आवाज उठाती रही है और आगे भी यह संघर्ष जारी रहेगा।
जयपुर से बिलाड़ा जाते समय हुआ स्वागत
विनोद जाखड़ रविवार को जयपुर से बिलाड़ा की ओर जा रहे थे। इस दौरान रास्ते में कई स्थानों पर एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। गगवाना में एक होटल पर कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। यहां उन्हें माला पहनाकर और साफा बांधकर अभिनंदन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी
गगवाना में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में एनएसयूआई और कांग्रेस के कई पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर फरहान खान, सुनील लारा, असलम पठान, अजीज चीता, डॉ नरेंद्र, नजमुद्दीन शेख और अलीशेर खान सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने जाखड़ का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए संगठन की गतिविधियों और आगामी योजनाओं पर भी चर्चा की।
छात्र राजनीति को मजबूत करने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान जाखड़ ने कहा कि छात्र राजनीति देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि कई बड़े नेता छात्र राजनीति से ही निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे छात्रों के मुद्दों को मजबूती से उठाएं और कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में संगठन को मजबूत बनाएं। जाखड़ ने कहा कि एनएसयूआई हमेशा छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाती रही है।
छात्रों के हितों के लिए जारी रहेगा संघर्ष
विनोद जाखड़ ने कहा कि संगठन छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनावों की बहाली, छात्रों से ली जाने वाली निधियों का सही उपयोग और शिक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर एनएसयूआई आगे भी सक्रिय रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की भागीदारी के बिना किसी भी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं बनाया जा सकता। इसलिए छात्रसंघ चुनावों को फिर से नियमित रूप से आयोजित करना जरूरी है।
अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत बनाने और छात्रों के मुद्दों को प्राथमिकता देने की अपील की। उनके अनुसार यदि छात्र एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं तो सकारात्मक बदलाव संभव है।


