latest-newsक्राइमजयपुरराजस्थान

जयपुर की महिला टीचर बच्चों से पैर दबवाने पर सस्पेंड

जयपुर की महिला टीचर बच्चों से पैर दबवाने पर सस्पेंड

मनीषा शर्मा। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के चलते अब हर कोई किसी न किसी की निगरानी में होता है। कोई भी अनुचित हरकत कैमरे में कैद होकर आम जनता के सामने आ सकती है, और अगर वह हरकत स्कूल के बच्चों के साथ हो तो इसकी प्रतिक्रिया और भी गंभीर होती है। ऐसा ही मामला जयपुर के एक सरकारी स्कूल में सामने आया, जहां बच्चों से एक महिला टीचर के पैर दबवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस हरकत का वीडियो सामने आते ही शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित टीचर को निलंबित कर दिया और बीकानेर मुख्यालय में रिपोर्ट करने का आदेश जारी किया।

क्या है पूरा मामला

यह घटना जयपुर के करतारपुरा क्षेत्र के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की है। बुधवार 9 अक्टूबर को एक महिला टीचर रेखा सोनी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह कक्षा कक्ष में बच्चों से अपने पैर दबवा रही थी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कक्षा में मौजूद कुछ बच्चे टीचर के पैरों को दबाने में लगे हैं, जबकि उनकी उम्र केवल 9-10 साल की है। इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मच गई।

वीडियो में एक और टीचर भी नजर आ रही है, जो कुर्सी पर बैठी है और इस घटना का मूक दर्शक बनी हुई है। माना जा रहा है कि स्कूल का ही एक अन्य स्टाफ इस घटना का वीडियो बना रहा था। वीडियो में वह पुरुष स्टाफ कहते हुए भी सुनाई दे रहा है, “रेखा मैडम, बच्चे कहीं तोड़ ना दें।” ऐसे में यह भी स्पष्ट हुआ कि स्कूल में इस अनुचित हरकत के गवाह केवल बच्चे नहीं थे बल्कि अन्य स्टाफ भी शामिल था, जिन्होंने इस गलत आचरण को रोकने की कोई कोशिश नहीं की।

वीडियो वायरल होने के बाद एक्शन में आया शिक्षा विभाग

वीडियो के वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग और सरकार के लिए इसे नजरअंदाज करना संभव नहीं था। गुरुवार 10 अक्टूबर को प्रमुख अखबारों में खबरें प्रकाशित हुईं और 22 सेकंड का यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैल गया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया। उन्होंने सीबीईओ जयपुर से त्वरित रिपोर्ट मंगवाई और प्रारंभिक जांच के आधार पर टीचर रेखा सोनी को दोषी पाया गया। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी जगदीश नारायण मीणा ने उन्हें निलंबित कर दिया और आदेश जारी किया कि वह निलंबन के दौरान बीकानेर मुख्यालय में उपस्थिति देंगी।

जयपुर में सरकारी कर्मचारियों से अच्छे व्यवहार की अपेक्षा

जयपुर, जो राज्य की राजधानी है और सरकार एवं शिक्षा विभाग के मुख्यालय का केंद्र है, वहां पर सरकारी कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने आचरण और कर्तव्यों का पालन सही ढंग से करें। राजधानी में तैनाती पाने के लिए सरकारी कर्मचारी कई प्रयास करते हैं, इसलिए यहां तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों से अच्छे आचरण की अपेक्षा की जाती है। हालांकि, रेखा सोनी द्वारा बच्चों से पैर दबवाने की घटना ने इस भरोसे को कमजोर किया।

एक नहीं, पूरी व्यवस्था पर सवाल

इस घटना से यह भी स्पष्ट हुआ कि केवल एक अध्यापिका ही नहीं, बल्कि स्कूल का पूरा स्टाफ इस अनुचित आचरण में शामिल था। वीडियो बनाने वाले स्टाफ के बयान से यह प्रतीत होता है कि इस घटना को अन्य कर्मचारियों ने भी देखा, लेकिन किसी ने इसे रोकने का प्रयास नहीं किया। वीडियो में नजर आ रही दूसरी शिक्षिका, जो कुर्सी पर बैठी थी, उन्होंने भी इस अनुचित आचरण को नहीं रोका। यह घटना न केवल एक व्यक्ति के आचरण को दर्शाती है बल्कि पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

शिक्षकों का आचरण और बच्चों की सुरक्षा

बच्चों को पढ़ाने और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी शिक्षकों पर होती है। यह घटना बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की श्रेणी में आती है, जहां बच्चों को अपने टीचर के आराम के लिए काम करने के लिए मजबूर किया गया। एक टीचर का यह कर्तव्य है कि वह अपने विद्यार्थियों के समक्ष अच्छे आचरण का उदाहरण प्रस्तुत करे। इस प्रकार का अनुचित व्यवहार बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

शिक्षा विभाग के कड़े निर्देश

शिक्षा विभाग ने इस घटना के मद्देनजर सभी शिक्षकों को अपने आचरण पर ध्यान देने की सलाह दी है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि आगे से ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार या शोषण अस्वीकार्य है और संबंधित व्यक्तियों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

 

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading