मनीषा शर्मा। राजस्थान की राजधानी जयपुर ने सोमवार, 18 नवंबर को अपना 297वां स्थापना दिवस बड़े ही अनोखे और भव्य अंदाज में मनाया। हेरिटेज नगर निगम की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शहरवासियों ने रंग-रंगीलो राजस्थान की झलक देखी।
कार्यक्रम का आयोजन अल्बर्ट हॉल के बाहर किया गया, जहां राजस्थानी लोक कलाकारों ने अपने नृत्य और गायन से सभी का दिल जीत लिया। जयपुर लोकरंग उत्सव के नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में जयपुर की राजस्थानी लोक संस्कृति और इसकी ऐतिहासिक धरोहर को जीवंत किया गया।
मेयर का डांस और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम की सबसे खास बात रही हेरिटेज नगर निगम की मेयर कुसुम यादव का डांस। राजस्थानी लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने ऐसा माहौल बनाया कि मेयर खुद को रोक नहीं पाईं और मंच पर डांस करने लगीं।
कार्यक्रम में 150 से अधिक लोक कलाकारों ने विभिन्न पारंपरिक नृत्यों जैसे चरी नृत्य, उमराव, शहरिया नृत्य, चंग धमाल, घूमर नृत्य और भवई डांस की प्रस्तुति दी।
पद्मश्री गुलाबो सपेरा के कालबेलिया नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, प्रसिद्ध गायक थानू खां के राजस्थानी गीतों ने सबको झूमने पर मजबूर कर दिया।आतिशबाजी ने जगाई उत्सव की रौनक
कार्यक्रम के अंत में भव्य आतिशबाजी ने जयपुर के स्थापना दिवस समारोह को और भी खास बना दिया। कार्यक्रम में विधायक गोपाल शर्मा, विधायक प्रत्याशी चंद्र मोहन बटवाड़ा, ग्रेटर नगर निगम की मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर, उप महापौर पुनीत कर्णावत, पार्षद और कई अधिकारी भी उपस्थित थे।
दीपदान कार्यक्रम और दीया कुमारी का संबोधन
जयपुर स्थापना दिवस के अवसर पर स्टैच्यू सर्किल पर दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने इसमें हिस्सा लिया और जयपुर की ऐतिहासिक धरोहरों की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा,
“जयपुर दुनिया के सबसे बेहतरीन और नियोजित शहरों में से एक है। सवाई जयसिंह द्वितीय ने इसे वास्तु शास्त्र और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर 18 नवंबर 1727 को स्थापित किया था।”100 करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा
दीया कुमारी ने बताया कि राज्य सरकार जयपुर की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने और परकोटा क्षेत्र में 100 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा,
“जयपुर का विकास हमारी प्राथमिकता है। परकोटे के विकास कार्यों में बेहतर सड़कें, धरोहर संरक्षण, और अन्य बुनियादी सुविधाओं को जोड़ा जाएगा।”
एक महीने से चल रहे थे कार्यक्रम
हेरिटेज नगर निगम की मेयर कुसुम यादव ने बताया कि जयपुर के 297वें स्थापना दिवस को लेकर पिछले एक महीने से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे। सोमवार को अल्बर्ट हॉल पर हुए सांस्कृतिक समारोह के साथ इसका समापन हुआ।
इस दौरान राजस्थानी लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अनेक गतिविधियां और प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति देकर जयपुरवासियों का दिल जीत लिया।
जयपुर: ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का धरोहर
जयपुर, जिसे गुलाबी नगरी भी कहा जाता है, अपने स्थापत्य कला, ऐतिहासिक धरोहर और संस्कृति के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। यह यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है।
सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा 1727 में स्थापित यह शहर पूर्ण वैज्ञानिक और वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों पर आधारित है। जयपुर का परकोटा क्षेत्र इसके समृद्ध इतिहास का गवाह है।जयपुर की धरोहर में शामिल:
आमेर किला
सिटी पैलेस
जंतर मंतर
हवा महल
- अल्बर्ट हॉल म्यूजियम
स्थापना दिवस की महत्वता
जयपुर स्थापना दिवस न केवल शहरवासियों के लिए गर्व का अवसर है, बल्कि यह दिन जयपुर की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में नई प्रेरणा भी देता है।
297 साल के इस गौरवशाली सफर में जयपुर ने ऐतिहासिक महत्व और आधुनिक विकास का अद्भुत संतुलन बनाए रखा है।


