मनीषा शर्मा। राजस्थान में आयोजित डिजिफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 का मंगलवार को समापन हुआ। कार्यक्रम के आखिरी दिन केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य, उसकी उपयोगिता और राष्ट्रीय विकास में उसकी भूमिका पर विस्तार से बात की।
वैष्णव ने कहा कि आज के दौर में AI केवल एक तकनीक नहीं बल्कि “नई बिजली” की तरह है, जो आने वाले वर्षों में हर व्यक्ति, हर घर और उद्योग का हिस्सा बन जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि यदि AI का उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाए, तो यह देश की प्रगति को कई गुना तेज कर सकता है।
जयपुर में खुलेगा अत्याधुनिक AI डेटा सेंटर
अपने संबोधन के दौरान मंत्री ने राजस्थान के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि जल्द ही जयपुर में एक आधुनिक AI डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र न केवल डेटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग का महत्वपूर्ण हब बनेगा, बल्कि स्टार्टअप्स, उद्योगों और सरकारी परियोजनाओं के लिए भी उन्नत तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगा।
इस पहल से जयपुर की पहचान एक उभरते टेक हब के रूप में मजबूत होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा-आधारित सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच यह सेंटर राज्य में निवेश, नवाचार और नई तकनीकों के विकास को गति देगा।
सस्ती और सुलभ तकनीक का राष्ट्रीय रोडमैप
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI और डिजिटल तकनीक को लेकर एक स्पष्ट और दीर्घकालिक विजन रखा है। सरकार का लक्ष्य है कि टेक्नोलॉजी केवल कुछ लोगों तक सीमित न रहे, बल्कि सस्ती, सुरक्षित और सुलभ रूप में हर नागरिक तक पहुंचे।
आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के तहत टेक सेक्टर में ऐसा रोडमैप तैयार किया जा रहा है, जो उद्योगों को मजबूत करने के साथ-साथ आम लोगों के जीवन को सरल बनाएगा।
MSME और युवाओं के लिए बड़ा अवसर
मंत्री ने अपने वर्चुअल संबोधन में दूसरी महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि MSME सेक्टर में युवाओं को सशक्त बनाने के लिए 5,000 युवाओं को सीधे स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी। यह प्रशिक्षण स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार करेगा और छोटे-मध्यम उद्योगों को आधुनिक तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा।
10 लाख युवाओं को AI ट्रेनिंग
वैष्णव ने बताया कि देशभर के 10 लाख युवाओं को AI और उभरती डिजिटल तकनीकों में प्रशिक्षित करने का राष्ट्रीय अभियान शुरू किया गया है। उनका कहना था कि इस तकनीकी क्रांति का सही लाभ तभी मिलेगा जब युवाओं को समय पर सही कौशल उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने IIT जोधपुर के अनुसंधान कार्यों की भी सराहना की और कहा कि संस्थान AI अनुसंधान और नवाचार का मजबूत केंद्र बनकर उभर रहा है।
भविष्य की टेक्नोलॉजी के लिए तैयार हो रहा देश
जयपुर में बनने वाला AI डेटा सेंटर, व्यापक ट्रेनिंग प्रोग्राम और MSME-आधारित अवसर — ये सभी कदम मिलकर भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाले साबित हो सकते हैं। उम्मीद है कि इससे राजस्थान सहित देशभर के युवाओं को रोजगार, कौशल और नवाचार के बड़े अवसर मिलेंगे।


