मनीषा शर्मा। राजस्थान की राजधानी जयपुर में महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने एक नई और तकनीकी पहल शुरू की है। इसके तहत अब शहर में चलने वाली कैब में डैशकैम (Dashcam) लगाए जा रहे हैं।
इस व्यवस्था से न केवल महिलाओं को सफर के दौरान सुरक्षा का भरोसा मिलेगा, बल्कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में अपराधियों की पहचान और पकड़ने में पुलिस को बड़ी मदद मिलेगी।
कैब में डैशकैम लगाने की शुरुआत
पुलिस ने शुरुआती चरण में 250 कैब में डैशकैम लगाने का लक्ष्य रखा है। इनमें से अब तक 60 कैब में डैशकैम इंस्टॉल कर दिए गए हैं। धीरे-धीरे सभी कैब को इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
सबसे खास बात यह है कि कैब में लगने वाले डैशकैम को सीधे पुलिस के राजकॉप ऐप से जोड़ा जाएगा। यानी कैब के सफर के दौरान रिकॉर्डिंग पुलिस सिस्टम से कनेक्ट रहेगी, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी।
डैशकैम क्या है और कैसे काम करेगा?
डैशकैम एक छोटा कैमरा होता है, जिसे कार के डैशबोर्ड पर लगाया जाता है। यह ड्राइविंग के दौरान सड़क और आसपास की वीडियो रिकॉर्डिंग करता है।
इसकी मदद से:
किसी भी विवाद या अपराध की स्थिति में प्रमाण मिल जाएंगे।
महिलाओं द्वारा मदद मांगने पर नजदीकी पुलिस फोर्स तुरंत लोकेशन पर पहुंचेगी।
घटना की जांच के दौरान पुलिस को वीडियो एविडेंस मिलेंगे।
महिला अपराधों की स्थिति
जयपुर में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आंकड़े लगातार चिंता का कारण बने हुए हैं।
अपराध (जनवरी से जुलाई तक) | 2024 | 2025
बलात्कार: 320 → 318
अत्याचार: 1932 → 2110
पोक्सो केस: 98 → 180
इन आंकड़ों से साफ है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी लाने के लिए नई तकनीक और सख्त कदम जरूरी हैं।
डैशकैम से मिलेगा सुरक्षा कवच
जयपुर पुलिस का मानना है कि कैब और बाइक में लगाए गए डैशकैम महिलाओं के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेंगे।
यदि किसी महिला को सफर के दौरान परेशानी होती है और वह राजकॉप ऐप के जरिए मदद मांगती है, तो नजदीकी पुलिस फोर्स तुरंत घटना स्थल पर पहुंचेगी। इससे महिलाओं को त्वरित मदद मिल सकेगी और अपराधियों को पकड़ना आसान होगा।
महिलाओं की सुरक्षा पर पुलिस की प्राथमिकता
जयपुर पुलिस की यह पहल न केवल अपराधों पर अंकुश लगाएगी बल्कि सार्वजनिक परिवहन को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाएगी।


