शोभना शर्मा। राजस्थान की राजधानी जयपुर में शनिवार सुबह मालवीय नगर इलाके में बड़ा हादसा टल गया। सेक्टर 9 में निर्माणाधीन 5 मंजिला बिल्डिंग में अचानक गहरी दरारें पड़ गईं और पूरी संरचना सड़क की ओर झुकने लगी। जैसे ही बिल्डिंग के झुकाव की जानकारी आस-पास के लोगों को मिली, इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। मौके पर पहुंचकर निवासियों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद जयपुर नगर निगम और जेडीए की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं।
बेसमेंट की खुदाई बनी दरार की वजह
सूत्रों के अनुसार, बिल्डिंग के सेट बैक क्षेत्र में शनिवार सुबह बेसमेंट की खुदाई जारी थी। खुदाई के दौरान जमीन का संतुलन बिगड़ गया और बिल्डिंग के मुख्य कॉलम में बड़ा क्रैक आ गया। धरातल कमजोर होते ही पूरी बिल्डिंग एक तरफ झुकने लगी, जिससे गिरने का खतरा पैदा हो गया। निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ था, लेकिन लगातार हो रही खुदाई ने इसकी नींव को बुरी तरह प्रभावित कर दिया था।
प्रशासन ने तुरंत कराया इलाका खाली
हादसे की सूचना के बाद सिविल डिफेंस, पुलिस प्रशासन और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं। किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए आसपास के घरों और दुकानों को खाली करवाया गया। इसके साथ ही जिस सड़क के किनारे बिल्डिंग स्थित है, वहां ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया। प्रशासन ने क्रेन की मदद से अभी बिल्डिंग को अस्थायी रूप से रोका हुआ है ताकि उसके गिरने से बड़ी दुर्घटना न हो सके। हालांकि, अधिकारी किसी भी प्रकार के जोखिम से बचने के लिए सतर्क निगरानी रखे हुए हैं।
स्थानीय निवासियों के आरोप: बिना अनुमति बन रही थी बिल्डिंग
स्थानीय निवासी महेंद्र कुमार ने इस मामले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि संबंधित बिल्डिंग बिना परमिशन, बिना प्लानिंग और बिना ग्रीन फाइल के बनाई जा रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य पूरी तरह नियमों की अनदेखी के साथ किया जा रहा था और इसके बारे में कई बार आवाज उठाई गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। महेंद्र के अनुसार, बेसमेंट खुदाई ने कॉलम की मजबूती तोड़ दी, जो इस हादसे की सबसे बड़ी वजह है।
गिराकर दोबारा सही निर्माण करने की मांग
निवासियों का कहना है कि बिल्डिंग की हालत अब इतनी खराब हो चुकी है कि इसे गिराकर ही दोबारा बनाया जाना चाहिए। उनका मानना है कि अगर प्रशासन सिर्फ क्रेन से बिल्डिंग को रोककर काम आगे बढ़ाने की अनुमति दे देता है, तो यह घोर लापरवाही होगी और भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारी और बिल्डिंग मालिक दोनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
जांच और कार्रवाई की संभावना
नगर निगम और जेडीए की टीम ने मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। बिल्डिंग के निर्माण से जुड़े रिकॉर्ड, अनुमति और इंजीनियरिंग प्लान की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं, जिसके चलते आगे कार्रवाई की संभावना गहरी हो गई है। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जांच में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।


