शोभना शर्मा। जयपुर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पिछले कई दिनों से ठप पड़ी हुई थी, लेकिन बुधवार को शहर के लिए राहत भरी खबर आई। लो-फ्लोर बस ड्राइवरों की हड़ताल समाप्त हो गई। पारस ट्रैवल कंपनी, जो लो-फ्लोर बसों के संचालन का ठेका संभाल रही है, और ड्राइवर यूनियन के प्रतिनिधियों के बीच 25 नवंबर 2025 को एक लिखित समझौता हुआ। समझौता होते ही यूनियन ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की और कुछ ही घंटों के भीतर सभी ड्राइवरों ने अपनी ड्यूटी जॉइन कर ली। रात तक लो-फ्लोर बसें शहर के अलग-अलग रूटों पर फिर से दौड़ने लगीं।
सार्वजनिक परिवहन पर पड़ा था गहरा असर
हड़ताल के दौरान जयपुर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। शहर में चलने वाली लगभग 200 लो-फ्लोर बसों में से अधिकतर बसें बंद रहीं, जबकि बगराना डिपो की 100 बसें पूरी तरह से खड़ी थीं। इसके कारण 15 महत्वपूर्ण रूटों पर परिवहन व्यवस्था बाधित हो गई। रोजाना नौकरी पर जाने वाले लोगों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों व आम यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। लोग मजबूरी में महंगी कैब व ऑटो का सहारा लेने को मजबूर हुए। स्थिति इतनी खराब हो गई कि JCTSL को टोडी डिपो की पुरानी, जर्जर व कंडम हो चुकी बसें चलानी पड़ीं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडराया। ऐसे में हड़ताल समाप्त होने और तुरंत संचालन शुरू होने से शहरवासियों को काफी राहत मिली।
समझौते की प्रमुख शर्तें
ड्राइवरों और कंपनी के बीच हुए समझौते में कई महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं, जो न केवल वर्तमान मांगों बल्कि कर्मचारियों की भविष्य सुरक्षा से भी जुड़े हैं।
वेतन वृद्धि
ड्राइवरों के वर्तमान वेतन में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी अगले महीने से लागू की जाएगी। साथ ही, यह प्रावधान भी किया गया कि प्रत्येक वर्ष वेतन में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी अनिवार्य रूप से की जाएगी।दिवंगत ड्राइवर कुलदीप मीणा के परिवार की सहायता
कंपनी दिवंगत कर्मचारी कुलदीप मीणा के परिजनों को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। साथ ही संबंधित विभाग से PF लाभ दिलाने के लिए पत्राचार किया जाएगा।बीमार ड्राइवर रामजीलाल शर्मा का इलाज
कंपनी बीमार चल रहे ड्राइवर रामजीलाल शर्मा का इलाज ESI अस्पताल से कराने और सहायता राशि के रूप में 1 लाख रुपये देने पर सहमत हुई।सामूहिक दुर्घटना बीमा
1 दिसंबर 2025 से सभी ड्राइवरों का सामूहिक दुर्घटना बीमा शुरू किया जाएगा, जिससे किसी भी दुर्घटना की स्थिति में उनके परिवारों को सुरक्षा मिलेगी।अनुशासनात्मक कार्रवाई में निष्पक्षता
भविष्य में किसी भी ड्राइवर के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी कार्रवाई से पहले यूनियन प्रतिनिधि योगेश शर्मा के साथ चर्चा अनिवार्य होगी।योगेश शर्मा की सेवा समाप्ति
समझौते में तय किया गया कि योगेश शर्मा को पारस ट्रैवल कंपनी द्वारा सेवा मुक्त किया जाएगा।कोई प्रताड़ना नहीं
हड़ताल के कारण किसी भी ड्राइवर के विरुद्ध द्वेषपूर्ण या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
कर्मचारियों की एकता की जीत
ड्राइवरों का मानना है कि यह समझौता सिर्फ वेतन बढ़ोतरी तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, दुर्घटना बीमा और मानवता आधारित सहायता को भी प्राथमिकता दी गई है। यह पहली बार है जब श्रमिकों की मांगों में आर्थिक मुद्दों के साथ-साथ कर्मचारियों के परिवार और भविष्य की सुरक्षा को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। इससे यूनियन ने यह संदेश भी दिया कि यदि कर्मचारी एकजुट रहें तो संवाद व समाधान का मार्ग हमेशा संभव है।
बस संचालन सामान्य होने से जयपुर को राहत
समझौते के बाद जयपुर में सभी रूटों पर लो-फ्लोर बसें पुनः संचालन में आ गई हैं। इससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में स्थिरता लौट आई है। यात्रियों को महंगी टैक्सियों और ऑटो पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में बसों के संचालन का समय और आवृत्ति सामान्य स्तर पर लौटने की संभावना है।


