शोभना शर्मा। राजधानी जयपुर के विकास को नई रफ्तार देने के लिए राजस्थान सरकार ने मंगलवार को दो बड़े फैसले किए। सांगानेर क्षेत्र में यातायात जाम की समस्या को दूर करने के लिए 52.78 करोड़ रुपए की लागत से सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। साथ ही, राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल में 101 पदों पर सीधी भर्ती की अनुमति भी दे दी गई है। सरकार का कहना है कि ये निर्णय राजधानी में बुनियादी ढांचे और पर्यावरण संरक्षण दोनों को मजबूती देंगे।
सांगानेर में 52 करोड़ की सड़कों को मंजूरी
जयपुर के सांगानेर इलाके में लंबे समय से सड़क चौड़ीकरण और जाम की समस्या बनी हुई है। इस समस्या के समाधान के लिए वित्त विभाग ने 392.385 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की है, जिसमें से 52.78 करोड़ रुपए सांगानेर क्षेत्र की सड़कों के लिए निर्धारित किए गए हैं।
इस राशि से सांगानेर के वार्ड नंबर 65, 66, 67, 77, 79, 81, 83 और 91 से 103 तक सड़क निर्माण कार्य किए जाएंगे। सड़कें चौड़ी करने, ड्रेनेज सिस्टम सुधारने और सड़क किनारे फुटपाथ विकसित करने का भी प्रस्ताव शामिल है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इन सड़कों के निर्माण से न केवल सांगानेर बल्कि टोंक रोड, एयरपोर्ट रोड और महल रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर भी यातायात का दबाव कम होगा। साथ ही, इससे रोजाना हजारों यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी।
वित्त विभाग ने जारी की 392 करोड़ की स्वीकृति
राज्य सरकार की बजट घोषणाओं को पूरा करने की दिशा में वित्त विभाग ने 392.385 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। इस राशि से जयपुर के अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी विकास कार्यों को गति दी जाएगी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस स्वीकृति के तहत शहरी सड़कों के साथ-साथ नगर निगम क्षेत्रों में जल निकासी, पार्किंग जोन, और स्मार्ट सिग्नल सिस्टम से जुड़े प्रोजेक्ट्स को भी धनराशि आवंटित की जाएगी।
हाल ही में जयपुर नगर निगम ने पुरानी बस्तियों में स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल, चौड़ी सड़कें और पार्किंग जोन विकसित करने की दिशा में काम शुरू किया है। नई वित्तीय मंजूरी मिलने से इन परियोजनाओं को गति मिलने की संभावना है।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल में 101 पदों पर सीधी भर्ती
जयपुर को दूसरा बड़ा तोहफा रोजगार के क्षेत्र में मिला है। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल में अब कुल 101 पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। इसमें कनिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (27 पद) और कनिष्ठ पर्यावरण अभियंता (74 पद) शामिल हैं।
राज्य सरकार ने इन नियुक्तियों के लिए सहमति प्रदान कर दी है। भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इन नई नियुक्तियों से मंडल में प्रदूषण मापन, निरीक्षण और औद्योगिक निगरानी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नए वैज्ञानिक और अभियंता पदों से न केवल मॉनिटरिंग की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि पर्यावरण नियमों के पालन पर भी सख्ती आएगी।
जयपुर को मिलेगा विकास और रोजगार का लाभ
राज्य सरकार का दावा है कि इन दोनों फैसलों से जयपुर में विकास और रोजगार सृजन को एक साथ प्रोत्साहन मिलेगा। सांगानेर क्षेत्र की नई सड़कों से जहां लोगों को यातायात जाम से राहत मिलेगी, वहीं प्रदूषण नियंत्रण मंडल में नई नियुक्तियों से पर्यावरण सुरक्षा तंत्र मजबूत होगा।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, “जयपुर राजधानी होने के नाते राज्य की विकास योजनाओं का केंद्र है। सरकार का लक्ष्य है कि शहर को स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर पर्यावरण मानकों के साथ आगे बढ़ाया जाए।”


