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जोधपुर में ISIS नेटवर्क का खुलासा

जोधपुर में ISIS नेटवर्क का खुलासा

राजस्थान के जोधपुर में आतंकी संगठन ISIS से जुड़े नेटवर्क का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आंध्रप्रदेश की पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर सोशल मीडिया के जरिए इस संगठन से जुड़ा हुआ था। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।

विजयवाड़ा से जुड़ी जांच में सामने आया नाम

जानकारी के अनुसार विजयवाड़ा पुलिस ने हाल ही में आईएसआईएस की कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े एक अन्य युवक को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान जोधपुर के नई सड़क क्षेत्र में रहने वाले जिशान (19) का नाम सामने आया। इसके बाद विजयवाड़ा पुलिस की विशेष टीम जोधपुर पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की। पूरे ऑपरेशन को गोपनीय रखा गया और देर रात युवक को हिरासत में लिया गया, ताकि किसी प्रकार की जानकारी लीक न हो सके।

साधारण जीवन जी रहा था आरोपी

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी जिशान नई सड़क स्थित सनसिटी मार्केट के बाहर लॉरी लगाकर चश्मे और बेल्ट जैसे सामान बेचता था। वह केवल 12वीं तक पढ़ा-लिखा है और सामान्य जीवन जीता हुआ नजर आता था। राजस्थान पुलिस के सहयोग से आंध्र प्रदेश पुलिस ने उसे घेराबंदी कर उस समय पकड़ा, जब वह घर जाने के लिए निकला था। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ के लिए विजयवाड़ा ले जाया गया।

कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़ाव के संकेत

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी का संबंध स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया से भी रहा हो सकता है। जांच एजेंसियों के अनुसार वह पिछले करीब दो वर्षों से इस नेटवर्क के संपर्क में था और धीरे-धीरे इसमें सक्रिय भूमिका निभाने लगा था। बताया जा रहा है कि उसे संचालित करने वाले हैंडलर ने पहले उसकी परीक्षा ली थी और सफल होने के बाद उसे ग्रुप का एडमिन बना दिया गया। इसके बाद वह अन्य युवाओं को भी इस विचारधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहा था।

मोबाइल से अहम सबूत बरामद

पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। हालांकि आरोपी ने अपने मोबाइल से देश विरोधी सामग्री को हटाने की कोशिश की थी, लेकिन जांच एजेंसियों के पास उसका बैकअप पहले से मौजूद था। जांच में यह सामने आया कि वह ‘बीईएनएक्स’ नाम के एक ऑनलाइन ग्रुप का एडमिन था। इस ग्रुप के माध्यम से वह कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े वीडियो, मैसेज और वॉइस नोट साझा करता था। इससे यह संकेत मिलता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी।

नेटवर्क की गहराई से जांच जारी

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था और उसने कितने युवाओं को इस नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश की। यह भी सामने आया है कि विजयवाड़ा में जब इस ग्रुप का एक सदस्य पकड़ा गया, तब जिशान ने खुद को ग्रुप से अलग करने की कोशिश की थी। हालांकि तब तक उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाए जा चुके थे।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, बढ़ी सतर्कता

इस घटना के सामने आने के बाद जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। इंटेलीजेंस एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं और सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में समय रहते कार्रवाई करना बेहद जरूरी होता है, ताकि किसी भी बड़े खतरे को टाला जा सके। यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर युवाओं को भटकाने की कोशिशें लगातार हो रही हैं।

जांच के बाद और खुलासों की संभावना

फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। पुलिस और जांच एजेंसियां हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं, ताकि इस नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।

इस घटना ने न केवल सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ाई है, बल्कि समाज के सामने भी यह चुनौती रखी है कि युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन और जागरूकता प्रदान की जाए, ताकि वे किसी भी प्रकार के भ्रामक और खतरनाक नेटवर्क के प्रभाव में न आएं।

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