मनीषा शर्मा। भारत में स्मार्टफोन मार्केट लंबे समय तक बजट और मिड-रेंज एंड्रॉयड फोनों के इर्द-गिर्द घूमता रहा। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में परिदृश्य तेजी से बदला है। अब प्रीमियम कैटेगरी का आकर्षण बढ़ रहा है और इसका सबसे बड़ा लाभ Apple को मिला है। काउंटरपॉइंट की रिपोर्ट बताती है कि साल 2025 के पहले 11 महीनों में Apple ने iPhone 16 की लगभग 6.5 मिलियन यूनिट्स भारत में बेचीं। यह आंकड़ा साफ संकेत देता है कि भारतीय उपभोक्ताओं के बीच iPhone अब केवल स्टेटस सिंबल नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद और प्रीमियम टेक्नोलॉजी ब्रांड के रूप में स्थापित हो चुका है।
जहां कभी चीन और कोरिया के ब्रांड्स का वर्चस्व था, वहीं अब Apple लगातार अपनी हिस्सेदारी मजबूत कर रहा है। फाइनेंसिंग विकल्प, बैंक ऑफर, ई-कॉमर्स डिस्काउंट और बेहतर सर्विस नेटवर्क ने इस बदलाव को और गति दी है।
iPhone 16 ने क्यों जीता बाजार
रिपोर्ट के अनुसार iPhone 16 ने 2025 में सबसे ज्यादा शिपमेंट हासिल की। बड़े शहरों के साथ-साथ, अब टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी iPhone खरीदने का ट्रेंड बढ़ा है। युवा प्रोफेशनल्स, कंटेंट क्रिएटर्स और स्टूडेंट्स के बीच इसका क्रेज तेजी से फैला है।
फ्लिपकार्ट की बिग बिलियन डे सेल और अन्य फेस्टिव ऑफर्स के दौरान iPhone 16 “टॉप डील” में शामिल रहा। कई जगह EMI और एक्सचेंज ऑफर के कारण यह फोन बड़ी आबादी के लिए पहले से अधिक सुलभ हो गया। परफॉर्मेंस, कैमरा क्वालिटी, सॉफ्टवेयर अपडेट्स और बेहतर सिक्योरिटी — ये सभी कारण iPhone 16 को अन्य फोनों से अलग बनाते हैं। साथ ही, Apple का इको-सिस्टम (Watch, AirPods, MacBooks) भी उपयोगकर्ताओं को लंबे समय तक ब्रांड से जोड़े रखता है।
पुराने मॉडल भी कर रहे कमाल
दिलचस्प बात यह है कि 2023 में लॉन्च हुआ iPhone 15 भी 2025 में टॉप-5 सबसे ज्यादा बिकने वाले स्मार्टफोनों की सूची में शामिल रहा। इससे यह सिद्ध होता है कि Apple के पुराने मॉडल भी कई वर्षों तक डिमांड में बने रहते हैं। iPhone 17 सीरीज के लॉन्च के बाद भी iPhone 16 की बिक्री में कोई खास गिरावट नहीं आई। उल्टा, कीमतों में कटौती और फेस्टिव ऑफर्स ने इसकी डिमांड और बढ़ा दी।
सेल्स रिकॉर्ड और रेवेन्यू में नई छलांग
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि Apple ने भारत में अब तक का सबसे अधिक रेवेन्यू दर्ज किया। ग्लोबल स्तर पर कंपनी की कमाई 8 प्रतिशत बढ़कर 102.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई। इसमें iPhone 16 और नए iPhone 17 सीरीज का बड़ा योगदान रहा। भारत, जो कभी Apple के लिए छोटा बाजार माना जाता था, अब कंपनी की स्ट्रेटजी में प्रमुख भूमिका निभा रहा है। मेक-इन-इंडिया के तहत स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से कीमतों और लॉजिस्टिक्स पर भी सकारात्मक असर पड़ा है।
गिग, गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन ने बदली तस्वीर
आज का भारतीय उपभोक्ता सिर्फ कॉल और सोशल मीडिया के लिए फोन नहीं खरीद रहा। ऑनलाइन वर्क, वीडियो एडिटिंग, गेमिंग, AI-आधारित ऐप्स और हाई-क्वालिटी कंटेंट शूट — इन सबने प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग को बढ़ाया है। iPhone 16 के प्रोसेसर, कैमरा और बैटरी परफॉर्मेंस ने इसे इस श्रेणी में मजबूत विकल्प बनाया है। क्रिएटर्स के लिए 4K वीडियो रिकॉर्डिंग और स्टेबलाइजेशन बड़ी वजह साबित हुए।
चीनी ब्रांड्स के लिए नई चुनौती
भारत के प्रीमियम स्मार्टफोन मार्केट में पहले कुछ चीनी कंपनियों का दबदबा रहा, लेकिन Apple के बढ़ते प्रभाव ने उन्हें कठोर प्रतिस्पर्धा में डाल दिया है।
उपभोक्ता अब केवल कम कीमत नहीं, बल्कि लंबी उम्र, सिक्योरिटी और री-सेल वैल्यू को भी महत्व दे रहे हैं — और यहीं Apple आगे निकल रहा है।


