राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (CSPOC) के समापन के बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को भ्रमण कार्यक्रम के तहत राजस्थान की राजधानी जयपुर पहुंचा। यह आगमन राजस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण अवसर माना जा रहा है, जहां विश्व के विभिन्न देशों से आए संसदीय प्रतिनिधि राज्य की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और लोकतांत्रिक परंपराओं से रूबरू होंगे।
हवाई अड्डे पर पारंपरिक और गरिमामय स्वागत
अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल के जयपुर आगमन पर राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सभी अतिथियों का पारंपरिक एवं गरिमामय तरीके से स्वागत किया। स्वागत कार्यक्रम में राजस्थान की संस्कृति और अतिथि-सत्कार की झलक देखने को मिली। पारंपरिक अंदाज में अतिथियों का अभिनंदन कर उन्हें राजस्थान की “अतिथि देवो भवः” की भावना से परिचित कराया गया।
राजस्थान की संस्कृति और विरासत से परिचय का अवसर
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि यह राजस्थान के लिए गर्व का विषय है कि राष्ट्रमंडल देशों के संसदीय प्रतिनिधि हमारी समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और लोक परंपराओं को नजदीक से देख और समझ पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह भ्रमण कार्यक्रम अतिथियों को राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्मारकों और पारंपरिक लोक कलाओं से परिचित कराने का एक उत्कृष्ट अवसर है।
लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय मूल्यों पर संवाद
देवनानी ने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के माध्यम से न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान होता है, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं, संसदीय मूल्यों और प्रशासनिक अनुभवों को साझा करने का भी अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की विकास यात्रा, लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और संसदीय प्रक्रियाओं पर सकारात्मक संवाद भविष्य में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और सशक्त बनाएगा।
वैश्विक पहचान और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि CSPOC जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और भ्रमण कार्यक्रमों से राजस्थान की वैश्विक पहचान और मजबूत होती है। इससे राज्य को पर्यटन, संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से राजस्थान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक राज्य के रूप में स्थापित करने में मदद मिलती है।
राज्य सरकार और प्रशासन की व्यापक तैयारियां
देवनानी ने बताया कि राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा प्रतिनिधियों के स्वागत, आवास और भ्रमण को लेकर व्यापक और सुव्यवस्थित तैयारियां की गई हैं। विभिन्न पर्यटन स्थलों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि अतिथियों को राजस्थान की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का यादगार अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि राजस्थान से सुखद और सकारात्मक स्मृतियां लेकर जाएं।
कांस्टीट्यूशन क्लब में सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रि भोज
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जानकारी दी कि शनिवार सायं कांस्टीट्यूशन क्लब में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रि भोज का आयोजन किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय नृत्य के साथ-साथ राजस्थानी लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी जाएगी, जिससे अतिथियों को राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
गणमान्य अतिथियों की रहेगी उपस्थिति
रात्रि भोज कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यपाल हरिभाउ बागडे, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, नेता प्रतिपक्ष, मंत्रिमंडल के सदस्य, मुख्य न्यायाधीश, मुख्य सचिव सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रहेगी। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और भारतीय लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रमुखों के बीच संवाद का भी अवसर मिलेगा।
स्वागत कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
जयपुर हवाई अड्डे पर हुए स्वागत कार्यक्रम के दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव नवीन जैन, राजस्थान विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, जयपुर जिला कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल के स्वागत और व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।


