भारत की उभरती हुई AI स्टार्टअप कंपनी Sarvam AI ने अपना पहला AI ऐप आधिकारिक रूप से एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा दिया है। अब भारतीय यूजर्स इस देसी AI तकनीक को सीधे अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड कर सकते हैं। हालांकि ऐप को इंस्टॉल करने के बाद तुरंत एक्सेस मिलना अभी संभव नहीं है, क्योंकि कंपनी इसकी पहुंच इनवाइट सिस्टम के आधार पर दे रही है। यदि आपके पास किसी मौजूदा यूजर का इनवाइट कोड मौजूद है, तो आप ऐप का उपयोग तुरंत शुरू कर सकते हैं, अन्यथा आपको अपनी बारी का इंतजार करना होगा। यह ऐप Indus by Sarvam नाम से उपलब्ध कराया गया है, और भारतीय भाषाओं तथा सांस्कृतिक समझ के कारण इसके ChatGPT और Gemini जैसे चैटबॉट्स से बेहतर अनुभव देने की उम्मीद की जा रही है।
Indus by Sarvam ऐप अब प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर उपलब्ध
Sarvam AI का नया ऐप Indus by Sarvam अब Google Play Store और Apple App Store दोनों पर उपलब्ध है। कंपनी ने इसे खासतौर पर भारतीय यूजर्स की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है।
ऐप को डाउनलोड करते समय यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि आप सही डेवलपर की ऐप चुन रहे हैं। प्ले स्टोर पर इस नाम से कई अन्य ऐप भी मौजूद हैं, इसलिए ऐप के नाम के नीचे Sarvam AI लिखा होना चाहिए, जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि आप आधिकारिक ऐप इंस्टॉल कर रहे हैं।
ऐप इंस्टॉल और साइन-अप प्रक्रिया
Indus by Sarvam ऐप का इंटरफेस बेहद सरल रखा गया है, ताकि विभिन्न आयु वर्ग और भाषाओं के उपयोगकर्ता इसे बिना परेशानी इस्तेमाल कर सकें।
ऐप इंस्टॉल करने के बाद उपयोगकर्ता को सबसे पहले एक साइन-अप पेज पर ले जाया जाता है। यहां मोबाइल नंबर दर्ज करने पर एक OTP भेजा जाता है, जिसे सत्यापित करते ही अकाउंट बन जाता है। इसके बाद ऐप एक्सेस के लिए इनवाइट कोड मांगा जाता है, और इनवाइट न होने पर उपयोगकर्ता को एक कतार में स्थान दिया जाता है। यही नंबर बताता है कि ऐप तक पहुंच मिलने में कितना समय लग सकता है। कतार में इंतजार कर रहे उपयोगकर्ताओं को सुझाव दिया जाता है कि वे समय-समय पर ऐप को चेक करते रहें, क्योंकि सिस्टम धीरे-धीरे और बैच के रूप में नए यूजर्स को एक्सेस प्रदान कर रहा है। अगर किसी मौजूदा यूजर से इनवाइट कोड मिल जाता है, तो ऐप तुरंत उपयोग के लिए खुल जाता है।
क्यों Indus AI भारतीय यूजर्स के लिए बेहतर साबित हो सकता है
भारत में फिलहाल ChatGPT और Gemini जैसे ग्लोबल चैटबॉट्स का उपयोग तेजी से बढ़ा है, लेकिन Sarvam AI का दावा है कि भारतीय उपयोगकर्ताओं के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए उसका मॉडल अधिक उपयुक्त है। इसके कई कारण हैं।
भारतीय भाषाओं और बोलियों पर गहरी पकड़
वैश्विक AI चैटबॉट्स मुख्य रूप से अंग्रेजी डेटा पर प्रशिक्षित होते हैं, जिससे उनकी हिंदी या अन्य भारतीय भाषाओं में प्रतिक्रिया कई बार औपचारिक या किताबों जैसी लगती है। Sarvam AI ने अपनी तकनीक को भारतीय भाषाओं की व्याकरणिक संरचना, मुहावरों, टोन और स्थानीय भाषाई विविधताओं के आधार पर तैयार किया है। यही वजह है कि यह हिंदी के साथ-साथ बंगाली, तमिल, मराठी, गुजराती जैसी अन्य भारतीय भाषाओं में भी अधिक प्राकृतिक और सहज उत्तर प्रदान कर सकता है।
कम डेटा और कम लागत में बेहतर प्रदर्शन
Sarvam AI का मॉडल कम कंप्यूटिंग पावर पर भी उच्च गुणवत्ता वाले परिणाम देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका मतलब है कि यह तेज़ इंटरनेट की आवश्यकता के बिना भी प्रभावी रूप से काम कर सकता है। भारत के ग्रामीण और सीमित इंटरनेट वाले क्षेत्रों में यह क्षमता विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती है। कंपनी का लक्ष्य है कि एआई तकनीक भारत के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे, इसलिए इसे किफायती और हल्का रखा गया है।
भारतीय उच्चारण के अनुसार वॉइस कंट्रोल
Indus ऐप में वॉइस रिकग्निशन सिस्टम को भारतीय उच्चारण, हिंग्लिश शैली और क्षेत्रीय भाषाओं के लहजे के अनुसार ऑप्टिमाइज किया गया है। यह कई भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए इसे और आसान बनाता है, क्योंकि वे टाइपिंग की बजाय बोलकर एआई से बातचीत करना अधिक पसंद करते हैं। इस ऐप के जरिए उपयोगकर्ता स्वाभाविक भाषा और बोलचाल के अंदाज में निर्देश दे सकते हैं, जिसे AI आसानी से समझ लेता है।
इनवाइट बेस्ड एक्सेस: रणनीति या तैयारी का हिस्सा?
Sarvam AI ने शुरू में ऐप की पहुंच इनवाइट सिस्टम पर आधारित रखी है। टेक कंपनियां आमतौर पर यह रणनीति तब अपनाती हैं जब वे सर्वर लोड, यूजर अनुभव और स्केलेबिलिटी की जांच धीरे-धीरे करना चाहती हैं। इस नियंत्रित एक्सेस का एक और कारण यह भी हो सकता है कि कंपनी उपयोगकर्ता व्यवहार और ऐप के प्रारंभिक संस्करण पर मिलने वाली प्रतिक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए सुधार करना चाहती हो।


