तमिलनाडु के रानीपेट जिले के पनापक्कम क्षेत्र में Tata Motors Passenger Vehicles Limited (TMPV) और उसकी सब्सिडियरी Jaguar Land Rover (JLR) ने अपनी अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में आधिकारिक रूप से उत्पादन कार्य शुरू कर दिया है। इस फैसिलिटी से निकलने वाला पहला वाहन लोकल मैन्युफैक्चरिंग वाला Range Rover Evoque है—जो दुनिया भर में अपनी लक्ज़री, डिज़ाइन और इंजीनियरिंग गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। यह कदम भारतीय ऑटो उद्योग में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि यह साबित करता है कि भारत अब सिर्फ बड़े पैमाने पर कार उत्पादन ही नहीं, बल्कि प्रीमियम और अल्ट्रा-प्रीमियम सेगमेंट में भी ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार है।
उद्घाटन: भारत के लिए औद्योगिक प्रगति का नया संकेत
इस अत्याधुनिक प्लांट का उद्घाटन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री, उद्योग विभाग के अधिकारी और Tata Motors व JLR के शीर्ष प्रबंधन मौजूद रहे। यह सिर्फ एक फैक्ट्री का उद्घाटन नहीं था, बल्कि यह संदेश था कि— भारत भविष्य की वैश्विक ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।
नेक्स्ट-जेनरेशन और EVs के लिए तैयार ‘Greenfield Project’
पनापक्कम का यह प्लांट एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, यानी इसे ज़ीरो से नई तकनीक और अगले कई दशकों की जरूरतों के अनुसार विकसित किया गया है। यहाँ भविष्य में—
Tata Motors की नेक्स्ट-जेनरेशन गाड़ियां
Jaguar Land Rover के प्रीमियम मॉडल
और कंपनी के EV पोर्टफोलियो भी तैयार किए जाएंगे। यह यूनिट भारतीय ऑटो उद्योग में लक्ज़री सेगमेंट की उत्पादन क्षमता को एक नई दिशा देने वाली है।
फैक्ट्री की प्रमुख खूबियां
पनापक्कम प्लांट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसकी मुख्य विशेषताएँ:
1. एडवांस्ड और ऑटोमेटेड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी
उत्पादन की हर प्रक्रिया नवीनतम तकनीक और रोबोटिक सिस्टम से संचालित होगी।
2. 100% रिन्यूएबल एनर्जी पर चलने का लक्ष्य
फैक्ट्री पूरी तरह से सोलर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर आधारित होगी।
3. वॉटर-पॉज़िटिव और लो-एमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर
प्लांट पानी का उपयोग कम करेगा और रीसाइक्लिंग के माध्यम से जल-संतुलन बनाए रखेगा।
4. ग्लोबल क्वालिटी स्टैंडर्ड
यही कारण है कि यहां बनी पहली कार Range Rover Evoque जैसे उच्च गुणवत्ता वाले मॉडल को चुना गया।
रेंज रोवर इवोक: भारत में बनी लग्जरी कार
इस प्लांट से तैयार होने वाला पहला मॉडल Range Rover Evoque है। स्थानीय उत्पादन से:
लागत में संतुलन आएगा
सप्लाई चेन कमज़ोरियों में कमी आएगी
भारत में लग्ज़री कारों की उपलब्धता बढ़ेगी, विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में बनी इवोक की वैश्विक गुणवत्ता JLR की अंतरराष्ट्रीय मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का प्रमाण होगी।
रोजगार और क्षेत्रीय विकास का नया केंद्र
कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, यह प्लांट हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देगा। विशेष रूप से:
आने वाले 5–7 वर्षों में:
उत्पादन क्षमता धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी
कौशल विकास के नए अवसर खुलेंगे
क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी
निवेश और क्षमता: एक नजर में
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| कुल निवेश | ₹9,000 करोड़ |
| वार्षिक उत्पादन क्षमता | 2.5 लाख वाहन |
| कुल रोजगार | 5,000+ प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष |
| फोकस | EV, लग्जरी, प्रीमियम मैन्युफैक्चरिंग |
| मुख्य लक्ष्य | ग्रीन, सस्टेनेबल और हाई-टेक ऑटो उत्पादन |
ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग का नया मॉडल
टाटा मोटर्स और JLR दोनों पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन पर ज़ोर देते हैं। यह प्लांट:
कम ऊर्जा खपत
कम कार्बन उत्सर्जन
जल संरक्षण
और रिन्यूएबल रिसोर्सेज
के मॉडल पर आधारित है। कंपनी का दावा है कि यह भारतीय ऑटो उद्योग में ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग का एक नया बेंचमार्क स्थापित करेगा।
भारत के लिए इस प्रोजेक्ट का महत्व
पनापक्कम प्लांट केवल एक औद्योगिक निवेश नहीं, बल्कि:
भारत में ऑटोमोटिव तकनीक की बढ़ती क्षमता
वैश्विक कंपनियों का विश्वास
घरेलू उत्पादन का विस्तार
और EV-प्रधान भविष्य की दिशा
का प्रतिनिधित्व करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट भारत को एशिया के सबसे बड़े ऑटो हब की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है।
Tata Motors और Jaguar Land Rover द्वारा तमिलनाडु में शुरू किया गया नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भारतीय ऑटो उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। यह न केवल प्रीमियम कार निर्माण को भारत में मजबूत करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में रोजगार, तकनीक, कौशल विकास और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़ा योगदान देगा।


