शोभना शर्मा । भारत का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बाजार आने वाले वर्षों में वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व गति से विकसित होने की ओर अग्रसर है। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) की हालिया रिपोर्ट ‘भारत की AI छलांग: उभरती चुनौतियों पर बीसीजी परिप्रेक्ष्य’ के अनुसार, भारत का घरेलू AI बाजार 2027 तक तीन गुना बढ़कर 17 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक तक पहुंच सकता है।
BCG की रिपोर्ट में बताया गया है कि यह संभावित वृद्धि भारत में AI आधारित उद्यम तकनीक में बढ़ते निवेश, डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती, और कुशल पेशेवरों की उपलब्धता के चलते संभव होगी। यह भारत को वैश्विक AI नेतृत्व की दिशा में ले जाने वाली एक बड़ी छलांग होगी।
AI विकास के लिए भारत में अनुकूल माहौल
रिपोर्ट में भारत में मौजूद AI पारिस्थितिकी तंत्र को एक “समृद्ध डिजिटल परिवेश” बताया गया है। आंकड़ों के अनुसार:
भारत में 70 करोड़ से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं।
देश में 6 लाख से अधिक AI पेशेवर कार्यरत हैं।
पिछले तीन वर्षों में 2,000 से अधिक AI स्टार्टअप अस्तित्व में आए हैं।
ये सभी संकेत दर्शाते हैं कि भारत न केवल AI उपभोक्ता बाजार के रूप में, बल्कि नवाचार और तकनीकी विकास के केंद्र के रूप में भी उभर रहा है।
डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी: 2025 तक 45 नए डेटा सेंटर
AI की विकास यात्रा के लिए मजबूत डिजिटल आधारभूत संरचना अत्यंत आवश्यक होती है। भारत सरकार इसी दिशा में तेज़ी से कार्य कर रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत 2025 तक 45 नए डेटा सेंटर जोड़ने की योजना बना रहा है।
इससे देश के मौजूदा 152 डेटा सेंटर नेटवर्क में 1,015 मेगावाट की अतिरिक्त क्षमता जुड़ जाएगी। यह न केवल डेटा स्टोरेज को बेहतर बनाएगा, बल्कि बड़े AI मॉडल्स के ट्रेनिंग व संचालन में भी मददगार होगा।
IndiaAI पहल: AI के राष्ट्रीय विस्तार की योजना
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी IndiaAI पहल को इस क्षेत्र में मील का पत्थर माना जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत:
10,000 करोड़ रुपये से अधिक का कोष निर्धारित किया गया है।
10,000 से अधिक GPU आधारित राष्ट्रीय AI कंप्यूट अवसंरचना स्थापित की जाएगी।
यह अवसंरचना AI मॉडल के प्रशिक्षण और अनुसंधान के लिए अत्यंत आवश्यक संसाधन प्रदान करेगी।
IndiaAI पहल से यह सुनिश्चित होगा कि भारत की शैक्षणिक, स्टार्टअप और कॉर्पोरेट संस्थाएं विश्वस्तरीय AI समाधान विकसित कर सकें।
AI अब आवश्यकता बन गया है, विकल्प नहीं: BCG इंडिया
BCG इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं भागीदार मनदीप कोहली ने रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा:
“AI अब विकल्प नहीं, बल्कि व्यावसायिक आवश्यकता बन चुका है। भारतीय कंपनियां पारंपरिक विकास के रास्तों को पार कर अब वैश्विक मंच पर आत्मविश्वास से प्रतिस्पर्धा करने के लिए AI का उपयोग कर रही हैं।”उनका मानना है कि AI के जरिए भारतीय उद्योग क्षेत्र ग्राहक सेवा, ऑटोमेशन, डेटा एनालिटिक्स, सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में नए मानक स्थापित कर सकता है।
रिपोर्ट से निकलती मुख्य बातें
2027 तक AI बाजार में तीन गुना वृद्धि: 6 अरब डॉलर से बढ़कर 17 अरब डॉलर तक संभावित।
AI स्टार्टअप और पेशेवर इकोसिस्टम मजबूत: 2,000+ स्टार्टअप और 6 लाख से अधिक पेशेवर।
IndiaAI पहल: GPU आधारित कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर से राष्ट्रीय AI क्षमताओं में विस्तार।
बिजनेस सेक्टर में तेज़ी से अपनाया जा रहा AI: प्रतिस्पर्धा में बढ़त और दक्षता में सुधार।
भारत का AI भविष्य उज्जवल
BCG की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि भारत का AI बाजार न केवल तेज़ी से विकसित हो रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार है। सरकार की नीतियां, निजी क्षेत्र का निवेश और तकनीकी प्रतिभा का मेल भारत को एक AI सुपरपावर बनाने की ओर अग्रसर कर रहा है।


