मनीषा शर्मा। राजस्थान में बम धमकी से जुड़े ईमेल लगातार प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। बीते महीनों में जयपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, अलवर और अन्य जिलों में कई सरकारी दफ्तरों, न्यायिक भवनों और शैक्षणिक संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां भेजी गईं। खास बात यह है कि हर धमकी के बाद सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन कहीं भी कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। बावजूद इसके, इन ईमेलों ने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया है और यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कौन है जो बार-बार सरकारी तंत्र की क्षमता को परख रहा है।
40 दिनों में हाई कोर्ट को चार बार निशाना बनाना गंभीर संकेत
मंगलवार सुबह 9:43 बजे राजस्थान हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार सीपीसी को एक और धमकी भरा ईमेल मिला। मेल मिलते ही तुरंत हाई कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब ढाई घंटे तक तलाशी अभियान चला, जिसके कारण सभी सुनवाई स्थगित करनी पड़ी और न्यायिक कार्य पूरी तरह बाधित हुआ।
दोपहर करीब 12:30 बजे जांच टीम ने भवन को सुरक्षित घोषित किया, लेकिन हमेशा की तरह वहां भी कोई विस्फोटक नहीं मिला। यह घटना 40 दिनों में चौथी बार हुई है। इससे पहले हाई कोर्ट को 31 अक्टूबर, 5 दिसंबर और 8 दिसंबर को भी इसी प्रकार के ईमेल मिल चुके हैं।
जयपुर हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील आनंद शर्मा ने अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा कि इन लगातार आने वाली धमकियों से वकीलों, जजों और कर्मचारियों में भय का माहौल है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जल्द से जल्द ईमेल भेजने वाले की पहचान करनी चाहिए, क्योंकि अदालत का कामकाज बार-बार बाधित हो रहा है।
कोटा कलेक्ट्रेट और कोचिंग सेंटर भी धमकी की जद में
यह धमकियां केवल न्यायिक संस्थानों तक सीमित नहीं हैं। दो दिन पहले कोटा कलेक्ट्रेट और प्रसिद्ध कोचिंग सेंटरों को उड़ाने की धमकी दी गई। कोटा के एडिशनल एसपी दिलीप सैनी के अनुसार, मेल मिलते ही पुलिस, सेना और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट पर आ गईं। पूरे परिसर की तलाशी ली गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
कोटा देशभर में लाखों छात्रों का शिक्षा केंद्र है, ऐसे में किसी भी प्रकार की धमकी बड़ा तनाव पैदा करती है। सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर सभी कोचिंग सेंटरों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है।
2025 में अब तक 57 ईमेल, जयपुर देश में पांचवें स्थान पर
जयपुर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर, अजमेर और अलवर जैसे जिलों में धमकी भरे ईमेल भेजे जा चुके हैं। राजस्थान पुलिस के अनुसार, मेल भेजने का पैटर्न काफी संगठित और तकनीकी रूप से जटिल है, जिससे पहचान में देरी हो रही है।
डीसीपी साउथ राजश्री राज वर्मा ने कहा कि ये ईमेल ऐसे तरीके से भेजे जा रहे हैं, जिनमें आईपी एड्रेस और लोकेशन छुपाने की एडवांस तकनीकें इस्तेमाल हुई हैं। साइबर सेल लगातार तकनीकी विश्लेषण में जुटी है और मेल भेजने वाले की डिजिटल लोकेशन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
साल 2025 में राजस्थान में अब तक ऐसे 57 बम धमकी ईमेल मिल चुके हैं। इस आंकड़े ने जयपुर को देश में दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के बाद पांचवें नंबर पर ला दिया है, जहां सबसे ज्यादा धमकी वाले मेल मिल रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय—साइबर सेल को मजबूत करने की जरूरत
एडवोकेट दीनदयाल खंडेलवाल का कहना है कि इन फर्जी ईमेलों की पहचान तभी संभव है जब साइबर सेल को और अधिक तकनीकी सुविधाओं से सशक्त किया जाए। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर प्रवेश जांच को मजबूत करने, निगरानी तंत्र को आधुनिक बनाने और सभी संवेदनशील भवनों में हाई-टेक सिक्योरिटी सिस्टम लगाने की मांग की है।
राजस्थान प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती
राज्य प्रशासन को इस समय दो सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना है—पहली, इन ईमेल भेजने वाले संगठित गिरोह या व्यक्ति की पहचान कर उसे कानून के दायरे में लाना। दूसरी, लगातार फर्जी धमकियों के बावजूद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल बनाए रखना और जनता में विश्वास जगाए रखना।


