राजनीतिlatest-newsबांसवाड़ाराजस्थान

वागड़ में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े का अनोखा अंदाज, किसानों को सौगात और बच्चों को पढ़ाया पाठ

वागड़ में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े का अनोखा अंदाज, किसानों को सौगात और बच्चों को पढ़ाया पाठ

शोभना शर्मा।  वागड़ की धरती पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े का हालिया दौरा ग्रामीणों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया। जिले के कटियोर गांव में आयोजित जनसुनवाई के दौरान राज्यपाल का एक अलग ही रूप देखने को मिला। वे केवल एक संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक, गुरु और अभिभावक की भूमिका में नजर आए। किसानों की समस्याएं सुनने से लेकर बच्चों को पढ़ाने तक, हरिभाऊ बागड़े का यह दौरा सादगी, संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकार का उदाहरण बन गया।

जनसुनवाई के दौरान राज्यपाल ने किसानों से सीधे संवाद किया और उनकी परेशानियों को गंभीरता से सुना। उन्होंने परंपरागत खेती को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए किसानों के लिए एक बड़ी घोषणा की। राज्यपाल ने कहा कि जो किसान आधुनिक मशीनों के बजाय बैलों से खेती करेंगे, उन्हें सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इस घोषणा को वागड़ क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी राहत और प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है, जहां आज भी बड़ी संख्या में किसान सीमित संसाधनों के साथ खेती करते हैं।

राज्यपाल ने किसानों को यह भी सलाह दी कि वे केवल पारंपरिक फसलों पर निर्भर न रहें, बल्कि अपनी आय बढ़ाने के लिए डेयरी व्यवसाय और पशुपालन को अपनाएं। उन्होंने कहा कि दूध का व्यवसाय किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना सकता है और इससे नियमित आय का स्रोत भी तैयार होता है। राज्यपाल ने जनजाति समाज की भूमिका को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी में इस समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, इसलिए उन्हें कभी खुद को कमजोर या कमतर नहीं समझना चाहिए।

जनसुनवाई के दौरान किसानों ने बिजली आपूर्ति, सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता और खाद की समस्या जैसे मुद्दे उठाए। राज्यपाल ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को इन समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन शिकायतों की निगरानी सीधे राजभवन स्तर से की जाएगी, ताकि समस्याओं का समाधान कागजों तक सीमित न रह जाए।

जनसुनवाई के बाद राज्यपाल का दौरा सरकारी स्कूल तक पहुंचा, जहां माहौल पूरी तरह बदल गया। स्कूल में प्रवेश करते ही उन्होंने औपचारिकता छोड़कर बच्चों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद शुरू किया। इस दौरान राज्यपाल का शिक्षक वाला रूप देखने को मिला। उन्होंने बच्चों से सवाल-जवाब किए और खुद बोर्ड के सामने खड़े होकर गणित के आसान टिप्स समझाए। बच्चों से जोर-जोर से पहाड़े बुलवाए गए और पढ़ाई को लेकर उनमें उत्साह भरने का प्रयास किया गया।

राज्यपाल ने बच्चों से पूछा कि वे लिख-पढ़कर क्या बनना चाहते हैं। बच्चों के आत्मविश्वास से भरे और मासूम जवाब सुनकर वे काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने खासतौर पर छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कहा कि शिक्षा ही वह सबसे मजबूत हथियार है, जिससे वे अपने परिवार, समाज और देश की तस्वीर बदल सकती हैं। उन्होंने बच्चों को अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

कटियोर गांव में राज्यपाल का यह दौरा केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा। ग्रामीणों ने पहली बार किसी राज्यपाल को इतनी सहजता और अपनत्व के साथ अपने बीच पाया। सत्ता के शिखर पर होने के बावजूद हरिभाऊ बागड़े का जमीन से जुड़कर लोगों की समस्याएं सुनना और समाधान का भरोसा देना ग्रामीणों के लिए खास अनुभव बन गया।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading