मनीषा शर्मा। राजस्थान के टोंक जिले में स्थित बीसलपुर बांध में पानी की आवक लगातार घटती जा रही है। इसका सीधा असर बांध से बनास नदी में की जा रही जल निकासी पर पड़ा है। रविवार सुबह प्रशासन ने बांध का तीसरा गेट (गेट नंबर 11) भी बंद कर दिया, जिससे अब केवल दो गेट खुले हैं। वर्तमान में गेट नंबर 9 और 10 को एक-एक मीटर खोलकर प्रति सेकेंड 12020 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बांध की स्थिति को लेकर जल संसाधन विभाग की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है। मौसम में बदलाव और बारिश की कमी के कारण आवक में गिरावट आई है। विभाग के अनुसार, आवक की स्थिति के अनुसार गेटों की संख्या और ऊंचाई में फेरबदल किया जा सकता है।
बांध में पानी की आवक दो दिन से घट रही
बीसलपुर बांध परियोजना के अधीक्षण अभियंता मनीष बंसल ने बताया कि बीते दो दिन से पानी की आवक में लगातार गिरावट देखी जा रही है। पिछले एक सप्ताह में जहां जलभराव चरम पर था, वहीं अब धीरे-धीरे स्थिति स्थिर हो रही है। इस कारण गेटों को क्रमशः बंद किया जा रहा है ताकि अनावश्यक पानी की निकासी न हो।
बांध के गेटों की समय-सीमा के अनुसार स्थिति
पिछले कुछ दिनों में बीसलपुर बांध के गेटों को खोलने और बंद करने की प्रक्रिया इस प्रकार रही:
24 जुलाई: बांध भरने के बाद गेट नंबर 10 को 1 मीटर खोलकर 6010 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
27 जुलाई सुबह: गेट नंबर 11 को 1 मीटर खोला गया। गेट 10 को 2 मीटर खोलकर जलनिकासी बढ़ाई गई।
27 जुलाई रात 8 बजे: गेट 9 और 12 को 2-2 मीटर खोलकर कुल 48080 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
27 जुलाई रात 9 बजे: गेट 8 और 13 को 1-1 मीटर खोला गया। कुल 72120 क्यूसेक पानी निकासी हुई — इस सीजन की अब तक की सबसे अधिक।
28 जुलाई सुबह: आवक कम होने पर गेट 10 और 11 को 2-2 मीटर खोलकर निकासी 60100 क्यूसेक की गई।
29 जुलाई: गेट 10 और 11 को फिर से 3-3 मीटर खोलकर अधिकतम जलनिकासी की गई — 72120 क्यूसेक।
30 जुलाई: आवक कम होने पर गेट 8, 12 और 13 को बंद कर दिया गया। शेष गेटों से 18030 क्यूसेक जल निकासी हुई।
31 जुलाई: गेट 10 को 2 मीटर खोलकर निकासी बढ़ाकर 24040 क्यूसेक की गई।
1 अगस्त: गेट 8 को पुनः खोला गया, चारों गेटों (8,9,10,11) से 48080 क्यूसेक जल निकासी हुई।
2 अगस्त: आवक कम होने से गेट 8 को बंद कर दिया गया।
3 अगस्त: गेट 11 को भी बंद कर दिया गया। अब गेट 9 और 10 एक-एक मीटर खुले हैं, जिससे केवल 12020 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है।
जलवायु परिवर्तन और बारिश की स्थिति
टोंक जिले में बीते दो-तीन दिनों से बारिश का दौर थम चुका है। रविवार को भी जिले के अधिकांश हिस्सों में बारिश नहीं हुई। आसमान में हल्के बादल छाए हुए हैं, लेकिन सूर्य निकलने के कारण तापमान में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना नहीं जताई है। यही कारण है कि बीसलपुर में नदी और जल स्रोतों से आवक घट गई है।
प्रशासन की सतर्कता और संभावनाएं
जल संसाधन विभाग के अधिकारी लगातार बांध की पानी की आवक, जल स्तर और निकासी पर नजर बनाए हुए हैं। एक्सईएन मनीष बंसल ने कहा है कि स्थिति के अनुसार गेटों की संख्या और ऊंचाई में बदलाव किया जाएगा। यदि बारिश होती है और आवक बढ़ती है तो गेटों को फिर से खोला जा सकता है।
बीसलपुर बांध की भूमिका
बीसलपुर बांध न केवल जयपुर, अजमेर, टोंक जैसे बड़े शहरों के लिए जलापूर्ति का प्रमुख स्रोत है, बल्कि यह बनास नदी को भी नियंत्रित करता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति से बचाव होता है। इसलिए, इसकी जलनिकासी और जलभराव की नीति अत्यंत सावधानी से बनाई जाती है।