मनीषा शर्मा। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे इम्प्लॉइज यूनियन एक बार फिर से अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने की योजना बना रही है। यह प्रदर्शन 8 जनवरी को विशाल जोनल प्रदर्शन के रूप में आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य रेल कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं का समाधान करना है। प्रदर्शन की शुरुआत नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के महामंत्री मुकेश माथुर द्वारा की गई, जिन्होंने इस प्रदर्शन के उद्देश्य और आवश्यकताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
मुकेश माथुर ने कहा कि यह प्रदर्शन रेलवे कर्मचारियों के अधिकारों और उनके द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही मांगों को लेकर किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रेलवे बोर्ड और संबंधित मंत्रालयों को इन मुद्दों पर तुरंत और सकारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। प्रदर्शन के जरिए कर्मचारियों की वे महत्वपूर्ण समस्याएं सामने लाई जाएंगी जो लंबे समय से अनसुलझी हैं और जो कर्मचारियों की कार्य स्थितियों को प्रभावित कर रही हैं।
प्रमुख मांगों में आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का शीघ्र कार्यान्वयन, सुपरवाइजर कैटेगरी के लिए समिति की सिफारिशों पर त्वरित निर्णय, ट्रैकमैन के लिए उन्नयन की प्रक्रिया, और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल करने की मांग शामिल हैं। इसके अलावा, महंगाई भत्ते में वृद्धि के आदेश और पॉइंट्समैन कैटेगरी के लिए ग्रेड देने की प्रक्रिया की त्वरित समीक्षा की भी मांग की गई है।
रेलवे कर्मचारियों की एक और महत्वपूर्ण मांग है कि निजीकरण और पद स्थानांतरण की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। साथ ही, ट्रैक मशीन स्टाफ के लिए विश्राम गृहों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और जीडीसीई परीक्षाओं के माध्यम से लंबित पदों पर भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत भी जरूरी मानी जा रही है।
इसके अलावा, कर्मचारियों के लिए ड्यूटी घंटे को अधिकतम 6 घंटे करने, सुपरवाइजर कैटेगरी के लिए उन्नयन और रिस्क एवं हार्डशिप भत्ते की सिफारिशों पर शीघ्र अनुमोदन की भी मांग की गई है। टिकट चेकिंग स्टाफ को भी सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने की मांग की गई है, ताकि वे अपनी ड्यूटी को और अधिक प्रभावी तरीके से कर सकें।
मुकेश माथुर ने रेलवे कर्मचारियों से अपील की है कि वे इस प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और अपनी एकजुटता और ताकत का प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन सिर्फ एक दिन का आंदोलन नहीं होगा, बल्कि यह कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई है, जो लंबे समय से लंबित पड़ी हुई है। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के मंडल, कारखाना, प्रधान कार्यालय और शाखाओं में कार्यरत सभी कर्मचारियों से अपील की गई है कि वे इस प्रदर्शन को सफल बनाने में भाग लें और रेलवे कर्मचारियों की आवाज को सही तरीके से उठाएं।
यूनियन ने अपनी पूरी ताकत और समर्थन के साथ इस प्रदर्शन को सफल बनाने का आह्वान किया है। यूनियन के अनुसार, यह प्रदर्शन न केवल कर्मचारियों के अधिकारों को बहाल करने के लिए है, बल्कि यह रेलवे के कार्यशैली और कर्मचारियों के कामकाजी माहौल को बेहतर बनाने के लिए भी किया जा रहा है।
कर्मचारियों की मांगों का समाधान न होने पर यह आंदोलन और भी व्यापक रूप ले सकता है, क्योंकि कर्मचारी लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर चिंतित हैं। मुकेश माथुर ने सरकार से आग्रह किया कि वह कर्मचारियों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करें और उन सभी लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करें, जो कर्मचारियों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं।
रेलवे कर्मचारी इस आंदोलन में एकजुट होकर अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं। कर्मचारियों की इस लड़ाई को व्यापक समर्थन मिल सकता है, क्योंकि यह केवल कर्मचारियों के वेतन और भत्तों से जुड़ी समस्याओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रेलवे के कर्मचारियों की पूरी कार्य संस्कृति और उनके अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है।
नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे इम्प्लॉइज यूनियन का यह प्रदर्शन कर्मचारियों की एकजुटता और संघर्ष की मिसाल पेश करेगा, और इसके जरिए उम्मीद की जा रही है कि सरकार इन समस्याओं पर शीघ्र ध्यान देगी और रेलवे कर्मचारियों के मुद्दों का समाधान करेगी।


