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सर्दियों में तुलसी का पौधा सूखने से कैसे बचाएं, अपनाएं ये आसान और असरदार उपाय

सर्दियों में तुलसी का पौधा सूखने से कैसे बचाएं, अपनाएं ये आसान और असरदार उपाय

तुलसी का पौधा भारतीय घरों में सिर्फ एक औषधीय पौधा ही नहीं, बल्कि आस्था, सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है। सुबह-शाम तुलसी पूजन से लेकर आयुर्वेदिक उपयोग तक, तुलसी का विशेष महत्व है। लेकिन जैसे ही सर्दियों का मौसम शुरू होता है, कई घरों में तुलसी का पौधा मुरझाने लगता है। पत्तियां पीली पड़ जाती हैं, झड़ने लगती हैं और धीरे-धीरे पूरा पौधा सूख जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह है ठंड, पाला और गलत देखभाल। थोड़ी सी सावधानी और सही तरीका अपनाकर सर्दियों में भी तुलसी के पौधे को हरा-भरा रखा जा सकता है।

ठंडी हवा और पाले से बचाव जरूरी

सर्दियों में तुलसी के पौधे के लिए सबसे बड़ा खतरा पाला और ठंडी हवा होती है। अधिक ठंड लगने पर तुलसी की कोमल पत्तियां झुलस जाती हैं। इसलिए गलती से भी तुलसी के गमले को खुली छत, खुले आंगन या हवा वाले स्थान पर न रखें। रात के समय गमले को दीवार के पास, बरामदे या किसी ढकी हुई जगह पर रखना बेहतर होता है। जरूरत पड़ने पर पौधे को हल्के कपड़े, जूट बैग या पॉलिथीन से ढक सकते हैं। ध्यान रखें कि सुबह धूप निकलते ही कवर हटा दिया जाए, ताकि पौधे को ताजी हवा और रोशनी मिल सके।

सही समय पर धूप देना है जरूरी

तुलसी को सर्दियों में तेज ठंड नहीं बल्कि हल्की और गुनगुनी धूप की जरूरत होती है। सुबह की धूप तुलसी के लिए सबसे फायदेमंद मानी जाती है। रोजाना दो से तीन घंटे की सुबह की धूप पर्याप्त होती है। दोपहर और शाम की ठंडी हवा से पौधे को बचाना चाहिए। यदि घर में बालकनी या खिड़की के पास धूप आती है, तो वहां तुलसी को रखना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

पानी देने में बरतें सावधानी

सर्दियों में तुलसी के पौधे को ज्यादा पानी देना सबसे बड़ी गलती होती है। ठंड में मिट्टी देर तक गीली रहती है, जिससे जड़ें सड़ने लगती हैं और पौधा अंदर से कमजोर हो जाता है। पानी तभी दें जब गमले की मिट्टी ऊपर से पूरी तरह सूखी दिखाई दे। आमतौर पर सप्ताह में एक या दो बार पानी देना पर्याप्त होता है। हमेशा सुबह के समय ही पानी दें और रात में पानी देने से बचें।

मिट्टी और ड्रेनेज का रखें ध्यान

सर्दियों में तुलसी के लिए हल्की और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी जरूरी होती है। गमले में मिट्टी, रेत और गोबर की खाद का सही मिश्रण होना चाहिए। गमले के नीचे छेद होना अनिवार्य है, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके। महीने में एक बार हल्की जैविक खाद डालने से पौधा मजबूत बना रहता है।

सूखी पत्तियां हटाते रहें

तुलसी के पौधे की सूखी और पीली पत्तियां समय-समय पर हटाते रहना चाहिए। ये पत्तियां पौधे की ऊर्जा को कमजोर कर देती हैं। हालांकि सर्दियों में ज्यादा छंटाई नहीं करनी चाहिए। यदि फूल आ जाएं, तो पौधे को हल्का सहारा देना बेहतर होता है।

घरेलू उपाय भी होते हैं कारगर

महीने में एक बार गुनगुने पानी में थोड़ी सी गोबर की खाद मिलाकर तुलसी को देने से पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसके अलावा नीमखली की बहुत हल्की मात्रा भी फायदेमंद मानी जाती है।

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