मनीषा शर्मा। राजस्थान की राजधानी जयपुर में पूर्व सैनिकों की वीरता और बलिदान के सम्मान में ‘ऑनर रन’ मैराथन का आयोजन किया गया। अल्बर्ट हॉल से शुरू हुई इस मैराथन का उद्देश्य उन बहादुर सैनिकों को सम्मान देना था, जिन्होंने देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्यौछावर किया है। थलसेना की दक्षिण पश्चिमी कमान द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम सेना दिवस (15 जनवरी) के उपलक्ष्य में होने वाली गतिविधियों की श्रृंखला का हिस्सा रहा।
कार्यक्रम सुबह अल्बर्ट हॉल परिसर में सैन्य बैंड की धुनों और देशभक्ति के तरानों के बीच शुरू हुआ। फ्लैग ऑफ के समय उपस्थित भीड़ में जोश और देशभक्ति की भावना चरम पर दिखी। लोग “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के नारों से वातावरण को देशप्रेम की ऊर्जा से भरते रहे।
तीन श्रेणियों में आयोजित हुई दौड़
इस मैराथन को सामूहिक और समावेशी स्वरूप देते हुए तीन श्रेणियों—5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 21 किलोमीटर—में दौड़ आयोजित की गई। सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों, युवा धावकों और सामान्य नागरिकों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
दौड़ में शामिल प्रतिभागियों ने न केवल फिटनेस और अनुशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया, बल्कि यह भी दर्शाया कि राष्ट्र के रक्षक जवानों के योगदान को समाज कितनी श्रद्धा के साथ स्वीकार करता है। हर आयु वर्ग के प्रतिभागियों का उत्साह इस आयोजन को और अधिक प्रभावी बनाता दिखा।
मुख्यमंत्री ने जवानों के त्याग और निष्ठा की सराहना की
मैराथन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय सेना के जवान देश की सुरक्षा में सबसे बड़ा योगदान देते हैं। वे कठिन परिस्थितियों और विपरीत मौसम में भी राष्ट्र की सेवा में सदैव तत्पर रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा,
“पूर्व सैनिक केवल सेवानिवृत अधिकारी नहीं, बल्कि अनुशासन और अनुभव के प्रतीक हैं। उनकी राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा हर भारतीय के लिए प्रेरणादायी है।”
उन्होंने यह भी कहा कि देशवासियों का कर्तव्य है कि वे सैनिकों और पूर्व सैनिकों को सम्मान और गरिमा के साथ देखें, क्योंकि राष्ट्र की सुरक्षा इन्हीं योद्धाओं के त्याग और साहस पर टिकी है।
कार्यक्रम में सेना के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित
फ्लैग ऑफ समारोह के बाद दक्षिण पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट किया। यह प्रतीक चिन्ह सेना और राज्य सरकार के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों का प्रतीक माना गया।
इस अवसर पर पूर्व नौसेना अध्यक्ष एडमिरल माधवेन्द्र सिंह, जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी सहित बड़ी संख्या में सेना के अधिकारी, पूर्व सैनिक और आम नागरिक मौजूद रहे।
पूर्व सैनिकों को समर्पित अनुकरणीय पहल
‘ऑनर रन’ मैराथन ने यह संदेश दिया कि समाज पूर्व सैनिकों के सम्मान के प्रति कितना संवेदनशील और कृतज्ञ है। यह आयोजन न केवल एक खेल प्रतियोगिता थी, बल्कि राष्ट्र सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वालों के प्रति सम्मान जताने का अवसर भी था।


