राजस्थान के अजमेर जिले में रेलवे ट्रैक पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मदार रेलवे स्टेशन के पास रेलवे की हाई टेंशन ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन अचानक टूटकर ट्रैक पर गिर गई। यह लाइन लगभग 25 हजार किलोवाट क्षमता की बताई जा रही है, जिससे घटना के समय ट्रैक पर खतरनाक स्थिति पैदा हो गई। हालांकि समय रहते रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता के कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
घटना मदार रेलवे स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक के ऊपर हुई। अचानक ओएचई वायर के टूटने से रेलवे ट्रैक पर बिजली सप्लाई जारी रही, जिससे स्थिति काफी जोखिमपूर्ण बन गई थी। फिलहाल घटना के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है और रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा गार्ड ने तुरंत दी सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन के सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तुरंत जीआरपी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर जीआरपी का स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया और इलाके को सुरक्षित करने की कार्रवाई शुरू की गई।
रेलवे ट्रैक पर हाई टेंशन तार गिरने के कारण बिजली की आपूर्ति जारी थी, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। ऐसे में सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत रेलवे अधिकारियों को सूचित किया ताकि बिजली आपूर्ति को नियंत्रित किया जा सके और ट्रैक पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जा सके।
सवारी ट्रेन को एहतियातन रोका गया
घटना के दौरान एक सवारी ट्रेन भी उसी ट्रैक से गुजरने वाली थी। सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे कर्मचारियों ने ट्रेन को घटना स्थल के पास रोक दिया। ट्रेन को कुछ समय तक वहीं खड़ा रखा गया ताकि ट्रैक की स्थिति का पूरी तरह आकलन किया जा सके। रेलवे अधिकारियों ने स्थिति सामान्य होने तक ट्रेन को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी। बाद में जब सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई तो ट्रेन को बेहद धीमी गति से आगे रवाना किया गया। इससे संभावित दुर्घटना टल गई और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकी।
रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलने के बाद स्टेशन मास्टर को भी तुरंत जानकारी दी गई। इसके बाद रेलवे के ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन विभाग की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। ओएचई निरीक्षक और अन्य तकनीकी कर्मचारियों ने मौके का निरीक्षण किया और टूटे हुए तारों की स्थिति का आकलन किया।
तकनीकी टीम ने सावधानीपूर्वक टूटे हुए तारों की मरम्मत का काम शुरू किया। चूंकि घटना के समय अंधेरा हो चुका था, इसलिए कर्मचारियों को टॉर्च की रोशनी में काम करना पड़ा। कठिन परिस्थितियों के बावजूद रेलवे कर्मचारियों ने पूरी सतर्कता के साथ मरम्मत कार्य जारी रखा।
टॉर्च की रोशनी में चला मरम्मत अभियान
रेलवे कर्मचारियों ने अंधेरे के बावजूद टूटे हुए ओएचई तारों को ठीक करने का काम जारी रखा। तकनीकी कर्मचारियों ने ट्रैक पर गिरे तारों को हटाया और उन्हें दोबारा सुरक्षित तरीके से जोड़ा। इस दौरान पूरी प्रक्रिया को बेहद सावधानी के साथ पूरा किया गया ताकि बिजली की आपूर्ति से किसी को खतरा न हो। रेलवे अधिकारियों के अनुसार मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया। कर्मचारियों ने बिजली आपूर्ति की स्थिति की जांच करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की।
मरम्मत के बाद ट्रेनों की आवाजाही सामान्य
टूटे हुए तारों की मरम्मत पूरी होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने लाइन का अंतिम निरीक्षण किया। जब यह सुनिश्चित हो गया कि ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित है, तब रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों की आवाजाही दोबारा शुरू करने की अनुमति दी। इसके बाद सवारी ट्रेनों की आवाजाही सामान्य रूप से शुरू कर दी गई। घटना के कारण कुछ समय के लिए ट्रेनों की गति प्रभावित हुई, लेकिन जल्द ही स्थिति सामान्य कर दी गई।
जांच शुरू, कारणों का पता लगाया जाएगा
रेलवे प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि हाई टेंशन ओएचई लाइन अचानक क्यों टूटी और इसके पीछे तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य कारण।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रेलवे ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित है और ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से जारी है।


