शोभना शर्मा। भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में मंगलवार को अमर शहीद हेमू कालानी की स्मृति में बनाए गए भव्य स्मारक और उनकी मूर्ति का अनावरण किया गया। यह ऐतिहासिक अवसर नगर पालिका शाहपुरा और पूज्य सिंधी पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और आमजन को संबोधित किया।
सिंधी कॉलोनी में आयोजित इस समारोह का शुभारंभ महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम महाराज के सानिध्य में हुआ। समारोह में देशभक्ति के गीतों और पुष्पांजलि अर्पण के बीच पूरे क्षेत्र का माहौल देशप्रेम से सराबोर हो गया। हेमू कालानी के बलिदान को याद करते हुए सभा में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि अमर शहीद हेमू कालानी भारत के सबसे कम उम्र के स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे। 19 वर्ष की आयु में, जब जीवन को समझना शुरू ही होता है, उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए फांसी का वरण किया। यह केवल साहस का उदाहरण नहीं, बल्कि राष्ट्र धर्म के निर्वहन का सर्वोच्च आदर्श है। देवनानी ने कहा कि उनका त्याग और बलिदान आज भी युवाओं को राष्ट्र के प्रति समर्पण और निष्ठा की प्रेरणा देता है।
देवनानी ने यह भी बताया कि हेमू कालानी न केवल एक होनहार छात्र थे, बल्कि वे एक कुशल तैराक, तेज साइकिल चालक और उत्कृष्ट धावक भी थे। वे अपने जीवन के हर क्षेत्र में अनुशासन, मेहनत और समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत करते थे। ऐसे महान क्रांतिकारियों के जीवन दर्शन से हमें यह सीख मिलती है कि वे अपना मरण भी त्योहार की तरह मनाकर स्वतंत्रता का उपहार देने के लिए ही जन्म लेते हैं।
इस मौके पर स्थानीय विधायक लालाराम बेरवा भी उपस्थित रहे। समारोह की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब मुंबई से अमर शहीद हेमू कालानी के परिवारजन – कमला कालानी, सुरेश कालानी और नरेश कालानी विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए। इनके आने से समारोह को भावनात्मक और ऐतिहासिक महत्व प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने स्मारक और मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। स्मारक के उद्घाटन के साथ ही यह स्थान अब शाहपुरा के लिए एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर बन गया है, जो आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति का संदेश देता रहेगा। इस आयोजन ने एक बार फिर यह याद दिलाया कि आजादी हमें सहज रूप से नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे हेमू कालानी जैसे असंख्य वीरों का बलिदान है, जिनकी स्मृतियां हमारे हृदय में सदैव जीवित रहेंगी।