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राजस्थान में बढ़ी गर्मी, कई जिलों में लू का अलर्ट

राजस्थान में बढ़ी गर्मी, कई जिलों में लू का अलर्ट

राजस्थान में अप्रैल के मध्य से ही गर्मी ने अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में उष्णलहर की स्थिति दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित होता नजर आया। अधिकतम तापमान में तेजी से बढ़ोतरी के कारण लोगों को लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य में सबसे अधिक तापमान कोटा में 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के लिहाज से काफी अधिक माना जा रहा है। वहीं न्यूनतम तापमान पाली में 14.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी का यह प्रभाव और तेज होने की संभावना है। India Meteorological Department के जयपुर केंद्र ने संकेत दिए हैं कि 24 अप्रैल तक प्रदेश में उष्णलहर का असर बना रहेगा। इस दौरान तापमान में धीरे-धीरे एक से दो डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि हो सकती है। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 21 अप्रैल को झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों में लू चलने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 22 और 23 अप्रैल को भरतपुर, डीग, धौलपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जैसे जिलों में भी उष्णलहर का प्रभाव रहने की संभावना जताई गई है। 24 अप्रैल को भी भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली और खैरथल-तिजारा क्षेत्रों में लू का असर जारी रहने का अनुमान है।

तेज गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और पहले से बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी, हीट स्ट्रोक और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।

प्रतापगढ़ जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनोद खांट ने बताया कि जिले में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि धूप में अधिक समय तक रहने से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए जरूरी है कि लोग खुद को सीधे सूर्य के संपर्क से बचाएं और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करें।

स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में भी गर्मी से निपटने के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला चिकित्सालयों के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में छाया, हवा और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा मरीजों और जरूरतमंदों के लिए ओआरएस कॉर्नर स्थापित किए गए हैं, जहां मुफ्त में ओआरएस घोल उपलब्ध कराया जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है और जरूरतमंद लोगों को ओआरएस पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही 108 एंबुलेंस सेवाओं में भी गर्मी से राहत के लिए आवश्यक दवाइयां, आइस पैक और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। लोगों को दिन के समय अधिक से अधिक घर के अंदर रहने, हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा शरीर को ठंडा रखने की सलाह दी गई है। धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखना और पानी की बोतल साथ रखना जरूरी बताया गया है। इसके अलावा छाछ, नींबू पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मददगार होता है।

चिकित्सकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि तेज धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए, खासकर दोपहर के समय जब तापमान सबसे अधिक होता है। खाली पेट धूप में जाना या लंबे समय तक खुले में काम करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, तेज बुखार, उल्टी, कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों, तो उसे तुरंत छांव में लाकर पानी या ओआरएस देना चाहिए और बिना देर किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराना चाहिए।

राज्य में बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील कर रहा है कि वे मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करें। आने वाले दिनों में तापमान में संभावित वृद्धि को देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि आमजन अपनी दिनचर्या में आवश्यक बदलाव करें और खुद को लू के प्रभाव से सुरक्षित रखें।

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