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राजस्थान में बढ़ी गर्मी, 40 डिग्री पार पारा

राजस्थान में बढ़ी गर्मी, 40 डिग्री पार पारा

राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का असर तेजी से बढ़ता जा रहा है। मार्च के शुरुआती दिनों में ही राज्य के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है। कई शहरों में अधिकतम तापमान 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच चुका है, जो इस मौसम के औसत तापमान से पांच से दस डिग्री सेल्सियस अधिक माना जा रहा है। बढ़ती गर्मी के बीच मौसम विभाग ने पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में लू चलने की आशंका जताते हुए चेतावनी जारी की है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार गर्म हवाओं का असर विशेष रूप से पिलानी, बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर और फलोदी जैसे क्षेत्रों में अधिक दिखाई दे रहा है। इस सीजन में पहली बार राज्य का अधिकतम तापमान लगातार दूसरे दिन 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को समय से पहले ही भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

पिलानी और बाड़मेर में 40 डिग्री से अधिक तापमान

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को राज्य में सबसे अधिक तापमान पिलानी में 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद बाड़मेर में अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इन दोनों शहरों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर चला गया है, जो इस समय के मौसम के लिहाज से असामान्य माना जा रहा है।

मौसम विभाग के प्रेक्षणों के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में हवा में आर्द्रता का स्तर भी बढ़ा हुआ है। कई क्षेत्रों में आर्द्रता की अधिकतम मात्रा लगभग 81 प्रतिशत तक दर्ज की गई, जिसके कारण लोगों को गर्मी के साथ चिपचिपाहट भी महसूस हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती आर्द्रता के कारण तापमान का प्रभाव और अधिक तीव्र महसूस होता है।

कई जिलों में 36 से 39 डिग्री के बीच तापमान

राज्य के अन्य जिलों में भी तापमान तेजी से बढ़ रहा है। अजमेर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि भीलवाड़ा में 36 डिग्री और अलवर में 36.2 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी जयपुर में भी गर्मी का असर बढ़ता हुआ नजर आया और यहां अधिकतम तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया।

सीकर में 36 डिग्री सेल्सियस, कोटा में 36.7 डिग्री और उदयपुर के डबोक क्षेत्र में 36.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी राजस्थान के शहरों में तापमान और अधिक रहा, जहां जैसलमेर में 39.2 डिग्री, जोधपुर में 38.8 डिग्री तथा बीकानेर में 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

चूरू में अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि श्रीगंगानगर में 37.4 डिग्री और झुंझुनूं में 37.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। फतेहपुर (सीकर) में 38.5 डिग्री सेल्सियस, दौसा में 38.3 डिग्री और करौली में 37.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं पहाड़ी क्षेत्र माउंट आबू में तापमान अपेक्षाकृत कम रहा और यहां अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

कई जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के कई जिलों में लू चलने की आशंका जताई है। विभाग ने बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर, जालौर, पाली, नागौर, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन क्षेत्रों में तापमान और बढ़ने की संभावना है तथा दोपहर के समय गर्म हवाएं चल सकती हैं। इस स्थिति में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने के लिए कहा गया है।

अगले सप्ताह और बढ़ सकती है गर्मी

जयपुर स्थित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मौसम केंद्र के अनुसार फिलहाल राज्य में गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले सप्ताह तक राज्य के कई हिस्सों में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की और वृद्धि हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो कई जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के करीब भी पहुंच सकता है।

न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक

राज्य में केवल दिन का तापमान ही नहीं बल्कि रात का तापमान भी सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। सप्ताह की शुरुआत में अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 15 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से दो से छह डिग्री सेल्सियस अधिक है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जब रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहता है तो दिन की गर्मी का प्रभाव और बढ़ जाता है। इससे लोगों को दिन और रात दोनों समय गर्मी का सामना करना पड़ता है।

समय से पहले बढ़ी गर्मी ने बढ़ाई चिंता

मार्च के शुरुआती दिनों में ही तापमान का 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाना मौसम वैज्ञानिकों के लिए भी चिंता का विषय माना जा रहा है। सामान्यतः इतनी अधिक गर्मी अप्रैल के मध्य या अंत में देखने को मिलती है, लेकिन इस बार मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और पश्चिमी राजस्थान में लगातार गर्म हवाओं के प्रभाव के कारण तापमान में यह असामान्य वृद्धि हो रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले महीनों में गर्मी का असर और अधिक गंभीर हो सकता है।

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