शोभना शर्मा। महाकुंभ 2025 के दौरान चर्चा में आईं साध्वी हर्षा रिछारिया ने फेक और अश्लील वीडियो बनाए जाने को लेकर भोपाल क्राइम ब्रांच में 55 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। हर्षा ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर उनके नाम से फर्जी आईडी बनाई गई, फेक वीडियो बनाए गए और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। हर्षा ने इससे पहले एक वीडियो पोस्ट कर अपनी आपबीती साझा की थी, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें लगातार ईमेल, इंस्टाग्राम मैसेज और फोन के जरिए परेशान किया जा रहा है। इस घटना से आहत होकर उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि अगर यह सब नहीं रुका तो वह आत्महत्या करने को मजबूर हो सकती हैं।अब हर्षा ने 55 सोशल मीडिया अकाउंट्स और व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिनके द्वारा उन्हें बदनाम करने की साजिश रची गई थी।
कैसे हुई हर्षा रिछारिया साइबर बुलिंग का शिकार?
महाकुंभ 2024 के दौरान हर्षा रिछारिया निरंजनी अखाड़े की पेशवाई के दौरान संतों के साथ रथ पर नजर आई थीं, जिसके बाद वे सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। उनकी लोकप्रियता इतनी तेजी से बढ़ी कि उनके फॉलोअर्स लाखों में पहुंच गए। लेकिन इसी लोकप्रियता के साथ उन्हें साइबर बुलिंग और मानसिक प्रताड़ना का सामना भी करना पड़ा। हर्षा ने बताया कि उनके नाम से फर्जी फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब अकाउंट बनाए गए। उनके वीडियो से AI की मदद से अश्लील कंटेंट तैयार किया गया और इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। उन्होंने कहा, “मेरे नाम से बहुत सारे विज्ञापन वीडियो बनाए जा रहे हैं, जो मैं नहीं कर रही हूं। पैसों की मांग की जा रही है और फर्जी AI वीडियो बनाए जा रहे हैं।” इसके अलावा, हर्षा ने यह भी कहा कि यह साजिश उनके कुछ करीबी लोग ही कर रहे हैं, जो उनकी लोकप्रियता से परेशान हैं और उन्हें बदनाम करना चाहते हैं।
FIR दर्ज कराने के बाद हर्षा रिछारिया का बयान
FIR दर्ज कराने के बाद हर्षा रिछारिया ने एक और वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा, “मैंने भोपाल क्राइम ब्रांच में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। मैंने उन 55 लोगों के नाम दिए हैं, जो मुझे परेशान कर रहे थे। मैंने यह मामला अधिकारियों को सौंप दिया है और मुझे उम्मीद है कि जल्द ही इन दोषियों को दंड मिलेगा।” हर्षा ने कहा कि उन्होंने अपने ऊपर हो रहे हमलों का डटकर सामना करने का फैसला किया है। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी अपील की कि अगर कोई इस तरह की साइबर अपराध का शिकार होता है तो उसे चुप नहीं बैठना चाहिए, बल्कि कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ बढ़ते साइबर अपराध
AI और डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग आज के समय में एक गंभीर समस्या बन चुका है। कई प्रसिद्ध महिलाओं को सोशल मीडिया पर फर्जी अश्लील वीडियो, मॉर्फ्ड तस्वीरों और फेक न्यूज के जरिए बदनाम किया जाता है। हर्षा रिछारिया के मामले ने फिर यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया पर साइबर बुलिंग और मानसिक प्रताड़ना के खिलाफ सख्त कानूनों की जरूरत है। साइबर अपराध से निपटने के लिए पुलिस और सरकार को AI-जनित अपराधों पर जल्द से जल्द कार्यवाही करनी होगी ताकि कोई भी व्यक्ति इसका शिकार न बने।


