मनीषा शर्मा। राजस्थान की राजनीति में नई हलचल उस समय तेज हो गई जब आरएलपी सुप्रीमो और नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल शनिवार को जोधपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में बेनीवाल ने न केवल मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर हमला बोला, बल्कि 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए बड़ा दावा भी कर दिया। उनके बयान ने प्रदेश की राजनीति में तीसरे मोर्चे की संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
इंडिगो विवाद पर बेनीवाल का हमला, कहा—सरकार के लिए बड़ा चैलेंज
इंडिगो एयरलाइंस के कर्मचारियों की हड़ताल और सेवाओं में आ रही भारी गड़बड़ी को लेकर बेनीवाल ने केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इंडिगो शुरू से ही संदेह के घेरे में थी कि क्या वह नए नियमों के अनुरूप अपनी सेवाएं सुचारू रूप से चला पाएगी।
उनका कहना था कि एयरलाइन ने समय पर वेतन भुगतान और कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा आज हजारों यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। कई लोग अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे, बीमार लोग तक एयरपोर्ट में फंसे हुए हैं, जो बेहद गंभीर स्थिति है।
बेनीवाल ने कहा कि वह इस मुद्दे को लोकसभा में उठाएंगे और सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।
रुपये की गिरावट और केंद्र सरकार पर तंज
डॉलर के मुकाबले रुपये की लगातार गिरावट पर प्रतिक्रिया देते हुए बेनीवाल ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। उन्होंने सीधे कहा—“सब कुछ मोदी जी कर रहे हैं, मैं क्या कर सकता हूं।” बेनीवाल ने यह भी कहा कि जहां भी जरूरी होगा वह मंच से अपनी आवाज उठाएंगे और जनता की समस्याओं को सामने रखेंगे।
राजस्थान सरकार के दो साल पर कड़ी टिप्पणी
राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर बेनीवाल ने इसकी तीखी आलोचना की। उनका कहना था कि राज्य में कानून-व्यवस्था बिल्कुल पटरी से उतर चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्यशैली असंगत है—सुबह कुछ और, दोपहर कुछ और, शाम को कुछ और बयान आते हैं।
बेनीवाल ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को एक जैसा बताते हुए कहा कि दोनों पार्टियां जनता के मुद्दों पर गंभीर नहीं हैं और दोनों की नीतियों में कोई बड़ा फर्क नहीं दिख रहा।
2028 में बदलेगा राजस्थान का राजनीतिक परिदृश्य
इस बातचीत में सबसे बड़ा बयान तब आया जब बेनीवाल ने कहा कि 2028 में राजस्थान की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में तीसरी शक्ति उभरेगी और जनमानस का रुझान अब दो दलों के पारंपरिक ढांचे से बाहर निकलने लगा है।
बेनीवाल ने कहा कि आरएलपी लगातार युवाओं और आम जनता की आवाज उठाती रही है। अग्निवीर भर्ती योजना के खिलाफ हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आरएलपी ने हमेशा न्याय के लिए संघर्ष किया है।
“मैं वन मैन आर्मी हूं, पर बच्चे मेरे साथ”—आरएलपी का बढ़ता जनाधार
हनुमान बेनीवाल ने यह भी दावा किया कि आरएलपी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है और पार्टी पूरी ताकत के साथ पूरे राजस्थान में न्याय की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय पार्टियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इससे उनकी प्रतिबद्धता पर कोई असर नहीं पड़ता।
उन्होंने कहा—“मैं वन मैन आर्मी हूं, अकेला चलता हूं, लेकिन बच्चे मेरे साथ जरूर चलते हैं।” बेनीवाल ने यह भी दोहराया कि उनका मकसद सरकार बनाना नहीं बल्कि जनता को न्याय दिलाना है।


