latest-news

थप्पड़कांड: मीणा बनाम जाट राजनीति में हनुमान बेनीवाल का बड़ा बयान

थप्पड़कांड: मीणा बनाम जाट राजनीति में हनुमान बेनीवाल का बड़ा बयान

शोभना शर्मा, अजमेर। राजस्थान के टोंक जिले में स्थित देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में हालिया घटनाएं न केवल प्रशासनिक बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का केंद्र बन गई हैं। मतदान के दिन हुए एसडीएम थप्पड़कांड से जुड़ी यह घटना अब मीणा बनाम जाट जातीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गई है।

घटना की शुरुआत निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा और एसडीएम अमित चौधरी के बीच हुई झड़प से हुई, जिसमें मीणा ने चौधरी को थप्पड़ मारा। इसके बाद समरावता गांव में हिंसा, आगजनी, और पुलिस कार्रवाई ने मामले को और बढ़ा दिया।

इस प्रकरण में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने खुलकर अपना पक्ष रखा और पुलिस कार्रवाई को अनुचित ठहराया। इस मामले ने राजस्थान में जातीय राजनीति को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

घटना का विवरण: कैसे शुरू हुआ विवाद?

 एसडीएम थप्पड़कांड:

14 नवंबर 2024 को, मतदान के दिन निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया।

विवाद के दौरान उन्होंने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मारा।

यह घटना सार्वजनिक हुई और सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

 हिंसा और आगजनी:

इस घटना के बाद समरावता गांव में हिंसा भड़क गई।

ग्रामीणों ने पथराव और आगजनी की, जिससे सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ।

पुलिस ने 60 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया और गांव में सर्च ऑपरेशन चलाया।

 ग्रामीणों का दावा:

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने निर्दोष लोगों को गिरफ्तार किया।

महिलाओं और बच्चों तक को पुलिस कार्रवाई का शिकार होना पड़ा।

कई घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचाया गया।

जातीय राजनीति का उदय: मीणा बनाम जाट

इस मामले ने राजस्थान में जातीय राजनीति को फिर से हवा दी। मीणा समाज निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा के समर्थन में खड़ा है। जाट समाज एसडीएम अमित चौधरी के पक्ष में है। राजपूत (करणी सेना) मीणा समाज का समर्थन कर रहा है। गुर्जर समाज जाटों के साथ खड़ा नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर दोनों समाजों के समर्थकों ने अपने-अपने पक्ष में तर्क दिए।

 हनुमान बेनीवाल का बयान

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर इस मामले में बयान दिया। उन्होंने समरावता गांव में हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की। “किसी प्रकरण की आड़ में पूरे गांव को दोष देना और निर्दोष ग्रामीणों को गिरफ्तार करना न्यायोचित नहीं है। सरकार ने इरादतन इस मामले को तूल दिया।”

पुलिस कार्रवाई की आलोचना:

हनुमान बेनीवाल ने कहा कि पुलिस ने समरावता गांव में अमानवीय व्यवहार किया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि निर्दोष ग्रामीणों को गिरफ्तार किया गया। भय का माहौल बनाकर लोकतंत्र का गला घोंटा गया।

ग्रामीणों की रिहाई की मांग:

बेनीवाल ने मांग की कि गिरफ्तार ग्रामीणों को तुरंत रिहा किया जाए। गांव में शांति बहाल की जाए। स्थानीय प्रशासन और सरकार को सौहार्दपूर्ण तरीके से ग्रामीणों से संवाद करना चाहिए।

ग्रामीणों की व्यथा: समरावता में पुलिस कार्रवाई

महिलाओं और बच्चों पर अत्याचार:
समरावता गांव की महिलाओं ने बताया कि पुलिस ने बच्चों तक को नहीं छोड़ा। पुलिस ने घरों में घुसकर तोड़फोड़ की। निर्दोष युवाओं को गिरफ्तार कर लिया गया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस को चाय पिलाई, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उनके परिवारों को परेशान किया।

वित्तीय नुकसान:

कई लोगों की गाड़ियां, दुकानें और घर क्षतिग्रस्त कर दिए गए। हिंसा के दौरान हुए नुकसान से ग्रामीण आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।

मीणा और जाट समाज की प्रतिक्रियाएं

मीणा समाज:

मीणा समाज ने नरेश मीणा का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नरेश ने अगर थप्पड़ मारा तो प्रशासन को इसकी जांच करनी चाहिए थी, न कि पूरे गांव को निशाना बनाना चाहिए।

जाट समाज:

जाट समाज एसडीएम अमित चौधरी के समर्थन में खड़ा है। उनका मानना है कि सरकारी अधिकारी पर हमला कानून और व्यवस्था के लिए खतरा है।

राजपूत और गुर्जर समाज:

राजपूत समाज, खासकर करणी सेना, मीणा समाज का समर्थन कर रहा है। वहीं, गुर्जर समाज ने जाट समाज का पक्ष लिया है।

सोशल मीडिया पर विवाद

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी दोनों जातियों के लोग एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं।मीणा समाज के लोग नरेश मीणा का बचाव कर रहे हैं।जाट समाज के लोग एसडीएम पर हुए हमले को कानून के खिलाफ बता रहे हैं।

वर्तमान स्थिति

घटना के तीन दिन बाद भी समरावता गांव में तनावपूर्ण शांति है। कई ग्रामीण अभी भी पुलिस की कार्रवाई से डरे हुए हैं और गांव से बाहर हैं। हिंसा प्रभावित क्षेत्र में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौट रही है।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading