राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल मंगलवार को जोधपुर पहुंचे। यहां उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जोधपुर में आयोजित आईबी की एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। बैठक के दौरान एम्स से जुड़े प्रशासनिक मामलों, नियुक्तियों की प्रक्रिया, स्टाफ व्यवस्था और अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बेनीवाल ने आईबी की बैठक के साथ एक अन्य बैठक में भी हिस्सा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
भर्तियों और इंटरव्यू प्रक्रिया पर चर्चा
हनुमान बेनीवाल ने बताया कि एम्स में विभिन्न पदों पर नियुक्तियों को लेकर लंबे समय से लंबित मामलों पर विचार किया गया है। उन्होंने कहा कि आईबी की अनुमति के बाद 100 लोगों के इंटरव्यू लेने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे रिक्त पदों को जल्द भरा जा सके। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी भर्तियां नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत ही होंगी।
ठेका प्रथा और प्रमोशन के मुद्दे उठे
बैठक में ठेका प्रथा के माध्यम से हो रही भर्तियों को लेकर सामने आई शिकायतों पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। बेनीवाल ने कहा कि कुछ मामलों में नियमों की अनदेखी की शिकायतें मिली थीं, जिनकी जांच आवश्यक है। इसके साथ ही कुछ कर्मचारियों के प्रमोशन से जुड़े विषय भी बैठक में रखे गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को उनका हक मिलना चाहिए, लेकिन किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बढ़ते मरीजों के दबाव पर जताई चिंता
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि जोधपुर एम्स में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एमडीएम और एमजीएच जैसे बड़े सरकारी अस्पतालों के बावजूद बड़ी संख्या में मरीज एम्स की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में अतिरिक्त डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की व्यवस्था बढ़ाने की आवश्यकता है। बैठक में स्टाफ बढ़ाने और व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
विवादित आदेश वापस, भ्रष्टाचार पर चर्चा
सोशल मीडिया पर चर्चा में आए एक मामले, जिसमें सिफारिश नहीं करवाने को लेकर आदेश जारी होने की बात कही जा रही थी, उस पर बेनीवाल ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि संबंधित आदेश को वापस करवा दिया गया है। इसके साथ ही बैठक में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर भी गंभीर चर्चा की गई।
जोधपुर एम्स को दिल्ली AIIMS की तर्ज पर विकसित करने का लक्ष्य
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि उनका लक्ष्य जोधपुर एम्स को दिल्ली एम्स की तर्ज पर विकसित करना है। उन्होंने एम्स के अधीक्षक की प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्ष 2013 से 2023 के बीच बड़ी संख्या में नियुक्तियां हुई हैं, जिनकी समीक्षा भी बैठक में की गई। उन्होंने कहा कि रोजगार जरूरी है, लेकिन रोजगार के नाम पर दुकानदारी नहीं चलनी चाहिए। आरक्षण के प्रावधानों का पूरा ध्यान रखते हुए आईबी और अध्यक्ष की अनुमति से ही नई नियुक्तियां होनी चाहिए।
कानून व्यवस्था पर सरकार पर साधा निशाना
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दिल्ली में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर चर्चा चल रही है, लेकिन गुटबाजी के कारण स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही। बेनीवाल ने कांग्रेस और बीजेपी पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि आरएलपी आमजन के हितों की लड़ाई लड़ रही है और जनवरी में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।


