शोभना शर्मा। राजस्थान में SI भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संस्थापक और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि अब यह आंदोलन आर-पार की लड़ाई बन चुका है। जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर पिछले 50 दिनों से आंदोलन कर रहे बेनीवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब सरकार को झुकना ही होगा।
50 दिन से चल रहा आंदोलन, नहीं मिला समाधान
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि आंदोलन की शुरुआत को 50 दिन हो चुके हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने कहा, “जब आंदोलन शुरू किया था, तब उम्मीद थी कि सरकार युवाओं की आवाज सुनेगी। लेकिन सरकार की चुप्पी से यह साफ हो गया है कि उसे युवाओं के भविष्य की कोई चिंता नहीं है।”
उन्होंने बताया कि आंदोलन की मुख्य मांगें हैं-
SI भर्ती 2021 को रद्द करना
RPSC का पुनर्गठन
युवाओं से जुड़े अन्य अहम मुद्दों पर समाधान
पीएम से मुलाकात की मांग
सांसद बेनीवाल ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय मांगा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही उनका प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मिलेगा और इस विषय पर कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “यह केवल एक परीक्षा रद्द करने की बात नहीं है, यह युवाओं की इज्जत, मेहनत और भविष्य का सवाल बन चुका है।”
सबसे लंबा आंदोलन बन गया धरना
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि यह धरना अब शहीद स्मारक के इतिहास में सबसे लंबा चलने वाला आंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए कोई गर्व की बात नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि भजनलाल सरकार कितनी जिद्दी और संवेदनहीन हो गई है।”
उनका आरोप है कि सरकार बेरोजगारों की आवाज को लगातार नजरअंदाज कर रही है और युवाओं को बार-बार परीक्षा और घोटालों के जाल में फंसाया जा रहा है।
आर-पार की लड़ाई का ऐलान
अपने जोशीले संबोधन में बेनीवाल ने फिर दोहराया, “मैंने 24 अप्रैल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही कह दिया था कि यह आर-पार की लड़ाई है। आज भी उसी बात पर कायम हूं। अब सरकार को यह भर्ती रद्द करनी ही होगी। हम इस सरकार को झुका कर ही दम लेंगे।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन अब केवल SI भर्ती तक सीमित नहीं रह गया है। यह आंदोलन प्रदेश के करोड़ों युवाओं के भविष्य और सम्मान की लड़ाई है।


