मनीषा शर्मा। राजस्थान के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अब हाफ ईयरली परीक्षाओं की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने मंगलवार को नौवीं से बारहवीं तक की कक्षाओं के लिए आधिकारिक टाइम टेबल जारी कर दिया है। इस बार परीक्षा 20 नवंबर से शुरू होकर 1 दिसंबर 2025 तक चलेगी। शिक्षा विभाग के अनुसार, इस वर्ष प्रदेशभर के सभी स्कूलों में एक समान पेपर होंगे, ताकि मूल्यांकन में एकरूपता बनी रहे। राज्य में कुल 43 हजार से अधिक सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं, जिनमें करीब 45 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इस परीक्षा कार्यक्रम का असर इतने बड़े पैमाने पर विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों पर एक साथ पड़ेगा।
दो पारी में होंगे एग्जाम: सुबह और दोपहर का शेड्यूल तय
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने बताया कि इस बार हाफ ईयरली एग्जाम दो पारी में आयोजित किए जाएंगे।
पहली पारी सुबह 9:30 से दोपहर 12:45 बजे तक चलेगी।
दूसरी पारी दोपहर 1:15 से शाम 4:30 बजे तक आयोजित होगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, कक्षा 9वीं और 11वीं के सभी पेपर पहली पारी में, जबकि 10वीं और 12वीं के पेपर दूसरी पारी में होंगे। इस व्यवस्था से स्कूलों को समय प्रबंधन में सुविधा होगी, वहीं परीक्षाओं की पारदर्शिता और अनुशासन पर भी असर पड़ेगा।
प्रदेशभर में एक समान पेपर: प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में एकरूपता
इस वर्ष का सबसे अहम बदलाव यह है कि राज्यभर के सभी विद्यार्थियों को एक ही प्रश्नपत्र दिया जाएगा। चाहे छात्र सरकारी स्कूल में पढ़ रहे हों या किसी निजी संस्थान में, परीक्षा का प्रश्नपत्र समान रहेगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस कदम से मूल्यांकन में निष्पक्षता और समानता सुनिश्चित होगी। अब तक कई जिलों में अलग-अलग पेपर बनाए जाते थे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता का तुलनात्मक मूल्यांकन मुश्किल हो जाता था। प्राइवेट स्कूलों के प्रश्नपत्रों की जिम्मेदारी भी अब सरकारी स्कूलों के माध्यम से संभाली जाएगी। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पेपर सरकारी स्कूलों को पहले से दिए जाएंगे और सुरक्षा कारणों से पुलिस थाने में रखे जाएंगे।
परीक्षा सुरक्षा के सख्त इंतजाम
शिक्षा विभाग ने परीक्षा की सुरक्षा को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिन स्कूलों में पेपर रखे जाएंगे, वहां एक कर्मचारी की रात की ड्यूटी अनिवार्य की गई है। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि किसी भी प्रकार की लीक या अनुचित गतिविधि को रोका जा सके। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और स्टाफ की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
बाकी कक्षाओं का टाइम टेबल स्कूल खुद तय करेंगे
निदेशालय ने नौवीं से बारहवीं तक के लिए ही टाइम टेबल जारी किया है। कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों की हाफ ईयरली परीक्षाओं का शेड्यूल प्रत्येक स्कूल स्वयं तैयार करेगा। इससे स्कूलों को अपनी शैक्षणिक गति और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार परीक्षाओं का संचालन करने की स्वतंत्रता मिलेगी।
शिक्षकों और छात्रों के लिए अंतिम तैयारी का समय
अब जबकि टाइम टेबल जारी हो चुका है, स्कूलों ने अंतिम तैयारियों को लेकर कमर कस ली है। शिक्षकों द्वारा रिवीजन टेस्ट, मॉडल पेपर और प्रश्नोत्तर सत्र शुरू कर दिए गए हैं। वहीं छात्र भी अब अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को तनावमुक्त माहौल प्रदान करें और उन्हें नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित करें।


