गुरु रंधावा की आने वाली फिल्म ‘कुछ खट्टा हो जाए’ – एक मीठी प्रेम कहानी!

हमारी फ़िल्म का नाम भले ही कुछ खट्टा हो जाए है लेकिन यह एक पारिवारिक कहानी पर बनी साफ़ सुथरी फ़िल्म है जिसमें आपको परिवार की बोंडिंग, आपसी प्रेम, अपनेपन का एहसास व एक दूसरे के प्रति ज़िम्मेदारी के रंग देखने को मिलेंगे। यह कहना था गायक से अभिनेता बने गुरु रंधावा का जो आज जयपुर में अपनी पहली फ़िल्म “कुछ खट्टा हो जाए” के प्रमोशन के लिए जयपुर आए थे। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी फ़िल्म महिला सशक्तिकरण का संदेश देती है। यह कहानी लड़कियों की शिक्षा के महत्व को बताती है। एक लड़की शिक्षित होती है तो एक साथ दो परिवार समृद्ध होते हैं, पहला उसका वो परिवार जिसमें उसका जन्म हुआ और दूसरा जहां वो शादी होकर जाती है।

साईं मांजरेकर ने कहा कि अनुपम खेर सरीखे बड़े अभिनेता के साथ काम करके बहुत सीखने को मिले। वे अभिभावक की तरह व्यवहार करते हैं। आपकी ग़लतियों को सुधारते हैं। आपको किस संवाद को कैसे बोलना है, सिखाते हैं। ऐसे अभिनेता के साथ काम कर आप समृद्ध होते हैं।

आगरा की पृष्ठभूमि पर आधारित ‘इस फ़िल्म में अनुपम खेर बेहद महत्वपूर्ण भूमिका में है। फ़िल्म में एक सरफिरा मजनू है जिसकी भूमिका गुरु रंधावा ने निभाई है और ‘खूबसूरत लैला’ है साईं जिनके बीच एक टेढ़ी-मेढ़ी प्रेम कहानी प्रस्तुत की गई है। उनकी प्रेम कहानी में उनके परिवार भी शामिल है। इस फ़िल्म का निर्देशन जी अशोक द्वारा किया गया है। अमित भाटिया, राज सलूजा, सुमित भाटिया और श्रद्धा चंदवरकर फिल्म के निर्माता हैं।

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