मनीषा शर्मा। राजस्थान में इस बार सरकार द्वारा पेश किया जाने वाला बजट बेहद खास होने वाला है। डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने घोषणा की है कि अगले साल राजस्थान में ग्रीन बजट पेश किया जाएगा। यह बजट प्रदेश में इको टूरिज्म और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है।
दीया कुमारी ने कहा कि इको टूरिज्म को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ राज्य की पर्यटन क्षमता को भी विकसित करेगा। उन्होंने सरकार के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत अब तक 5 करोड़ 85 लाख पौधे लगाने की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
इको टूरिज्म पर विशेष जोर
मीडिया से बातचीत के दौरान डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यटकों का झुकाव पर्यावरण की तरफ बढ़ रहा है। लोग उन जगहों पर जाना पसंद करते हैं, जहां प्राकृतिक सौंदर्य और शांति हो। इस बात को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार अब इको टूरिज्म और वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा देने पर काम कर रही है।
दीया कुमारी ने कहा कि राजस्थान में इको टूरिज्म के लिए कई संभावनाएं हैं, लेकिन इसे और बेहतर तरीके से विकसित करने की जरूरत है। सरकार इस दिशा में कई नए कदम उठा रही है, ताकि प्रदेश में इको टूरिज्म को एक बड़ा सेक्टर बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि आने वाले साल में ग्रीन बजट पेश किया जाएगा, जिसमें पर्यावरण और पर्यटन को मुख्य फोकस में रखा जाएगा।
ग्रीन बजट से पर्यावरण और पर्यटन को होगा लाभ
ग्रीन बजट के जरिए सरकार का लक्ष्य पर्यावरण को संरक्षित करते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना है। इस बजट के तहत इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की जाएंगी। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर भी जोर दिया जाएगा। राजस्थान सरकार चाहती है कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का सही तरीके से उपयोग हो और पर्यटन स्थलों को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाए।
दीया कुमारी ने यह भी कहा कि सरकार ने पर्यटन के लिए इस बार विशेष पैकेज दिए हैं, जिससे राजस्थान आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।
“एक पेड़ मां के नाम” अभियान की सराहना
दीया कुमारी ने सरकार के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत प्रदेश में अब तक 5 करोड़ 85 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है और इससे पर्यावरण को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्लांटेशन अभियान के जरिए प्रदेश के पर्यावरण को हरा-भरा बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
इस अभियान के तहत लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि पर्यावरण संरक्षण में आमजन भी भागीदार बन सके।
वन्य जीव पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
दीया कुमारी ने वन्य जीव पर्यटन की भी आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार राज्य में वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाओं पर काम कर रही है। राज्य में कई वन्य जीव अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। सरकार चाहती है कि इन स्थानों को और अधिक विकसित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक यहां आ सकें।
710 महिला वनरक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं
दीया कुमारी ने बताया कि राज्य में इस समय वनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है, जिसमें 1450 वनरक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से 710 महिलाएं भी इस प्रशिक्षण का हिस्सा हैं, जो कि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं वनरक्षक के रूप में अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हो रही हैं। इससे महिलाओं के सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा और वे पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभा सकेंगी।
पिछली सरकार पर निशाना
मीडिया से बातचीत के दौरान दीया कुमारी ने पिछली गहलोत सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने राज्य का खजाना खाली कर दिया था और कोई ठोस काम नहीं किया। गहलोत सरकार ने केवल झूठी घोषणाएं और रेवड़ियां बांटने का काम किया।


