मनीषा शर्मा। राजस्थान में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के बीच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। वन रक्षक भर्ती परीक्षा 2020 के पेपर लीक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक प्रमुख आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि SOG इस मामले की जड़ तक पहुंचने में तेजी से आगे बढ़ रही है।
इस केस में पकड़ा गया आरोपी न केवल पेपर लीक गैंग से जुड़ा हुआ था, बल्कि उसके पास इस नेटवर्क की मुख्य जानकारी भी मौजूद है। SOG का मानना है कि उससे पूछताछ में इस पूरे रैकेट की परतें खुलेंगी।
गुजरात से पकड़ा गया मुख्य आरोपी जबराराम
SOG अधिकारियों के अनुसार, फरार आरोपी जबराराम को गुजरात से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उसे बांसवाड़ा लाया गया, जहां पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। SOG के एडीजी विशाल बंसल ने पुष्टि की कि जबराराम वन रक्षक भर्ती परीक्षा 2020 पेपर लीक मामले की महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसकी वजह से यह कार्रवाई बेहद अहम मानी जा रही है।
जबराराम की गिरफ्तारी से जांच एजेंसी को इस बात की उम्मीद है कि अब यह पता चल सकेगा कि पेपर कहां से लीक किया गया और इसे किन-किन लोगों तक पहुंचाया गया।
लंबे समय से फरार था आरोपी, सरकारी शिक्षक के पद पर तैनात
जबराराम सरकारी शिक्षक है और वन रक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक मामला सामने आने के बाद से फरार चल रहा था। इस मामले का खुलासा होने के बाद बांसवाड़ा जिले के राजतलाब थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। लगातार तलाश के बावजूद आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर था और राज्य से बाहर जाकर छिपा हुआ था।
उसकी गिरफ्तारी SOG के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि वह इस नेटवर्क में गहराई से शामिल बताया जाता है।
पेपर कहां से लीक हुआ और किसे बेचा गया – पूछताछ में खुलेगा राज
SOG की टीम अब आरोपी से यह जानने में जुटी है कि उसने पेपर लीक गैंग से यह पेपर कहां से हासिल किया था और किन-किन लोगों को उपलब्ध कराया गया। यह माना जा रहा है कि पेपर खरीदने वालों और बेचने वालों की लंबी सूची सामने आ सकती है।
परीक्षा में शामिल होने वाले कई अभ्यर्थियों को इस गैंग ने मोटी रकम लेकर पेपर बेचने की जानकारी पहले ही जांच में सामने आ चुकी है। अब SOG पूरी चैन को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
आरोपी पर था 50 हजार रुपये का इनाम
जबराराम बालोतरा जिले के कालवा गांव का निवासी है और वर्तमान में वह बाड़मेर जिले के रामजी का गोल गांव की सरकारी स्कूल में शिक्षक पद पर कार्यरत था। पेपर लीक प्रकरण में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण होने के कारण SOG ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
गुजरात में उसके पकड़े जाने के बाद SOG को उम्मीद है कि पूछताछ से इस पेपर लीक रैकेट की पूरी साजिश और अन्य शामिल लोगों की पहचान जल्द सामने आएगी।


