कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने एक बार फिर राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को जोधपुर पहुंचे पायलट ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राजस्थान सरकार पंचायत और निकाय चुनाव कराने से जानबूझकर बच रही है, क्योंकि उसे जनता के आक्रोश का अंदेशा है। उनका कहना था कि सरकार को मालूम है कि लोग नाराज हैं और चुनाव में अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर करेंगे।
चुनाव से भाग रही है सरकार: पायलट
सचिन पायलट ने कहा कि सरकार लगातार चुनाव टालने के लिए नए-नए बहाने तलाश रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों को डर है कि चुनाव हुए तो जनता सरकार की नीतियों का हिसाब मांगेगी। पायलट ने कहा कि पंचायत और निकाय चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद होते हैं, लेकिन सरकार उन्हें टालकर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर कर रही है।
राज्य में सत्ता के कई केंद्र बनने का आरोप
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में आज स्थिति यह है कि सत्ता के कई केंद्र बन गए हैं। हर तरफ यही चर्चा रहती है कि सरकार में बदलाव कब होगा और मंत्रिमंडल का पुनर्गठन कब किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य की सरकार को जनता ने चुना है, तो फिर हर फैसले के लिए दिल्ली की ओर क्यों देखा जा रहा है। यह स्थिति राज्य के स्वाभिमान और संघीय ढांचे के खिलाफ है।
प्रशासनिक फैसलों में राजनीति की झलक
पायलट ने राज्य के प्रशासनिक निर्णयों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आज प्रशासनिक फैसलों में भी राजनीति साफ नजर आ रही है। जोधपुर से सड़क मार्ग से बाड़मेर रवाना होते समय उन्होंने बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए जा रहे बदलावों को लेकर चिंता जताई। पायलट के अनुसार, यह कदम प्रशासनिक जरूरत से ज्यादा राजनीतिक हित साधने वाला प्रतीत होता है।
सीमा बदलाव जनता की राय के बिना
सचिन पायलट ने कहा कि जिलों की सीमाओं में तोड़फोड़ जनता की राय लिए बिना की जा रही है। इससे स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हेमाराम चौधरी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और कांग्रेस पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है। पायलट ने कहा कि जनता से जुड़े फैसलों में जनता की सहमति जरूरी होनी चाहिए।
सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल
पायलट ने सरकार की आर्थिक नीतियों को भी कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मनरेगा जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े थे। लेकिन मौजूदा सरकार इस योजना को कमजोर करने में लगी हुई है। इसका सीधा असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है।
अमीर और अमीर, गरीब और गरीब होता जा रहा
सचिन पायलट ने कहा कि आज देश में आर्थिक असमानता तेजी से बढ़ रही है। अमीर और अमीर होता जा रहा है, जबकि गरीब और गरीब। यह स्थिति गलत आर्थिक नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी आज देश की सबसे बड़ी समस्या है, लेकिन सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही।
ईडी को बताया राजनीतिक हथियार
बीजेपी और केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए पायलट ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को डराने और बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ईडी की कार्रवाई अब एक राजनीतिक हथियार बन चुकी है। पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
लोकतंत्र के लिए खतरनाक स्थिति
पायलट ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह जांच एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। इससे संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं और जनता का भरोसा कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों पर चुप नहीं बैठेगी और जनता की आवाज बनकर संघर्ष जारी रखेगी।


