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आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू होने से सरकारी कर्मचारियों को होगा बड़ा लाभ

आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू होने से सरकारी कर्मचारियों को होगा बड़ा लाभ

मनीषा शर्मा।   केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बार फिर बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की टर्म्स ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दे दी है। इस आयोग की सिफारिशों से करीब 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलने वाला है। कैबिनेट की इस मंजूरी के साथ ही कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। इस आयोग का नेतृत्व सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। आयोग में एक सदस्य (अंशकालिक) और एक सदस्य-सचिव भी शामिल होंगे। यह आयोग अपनी सिफारिशें गठन की तिथि से 18 महीनों के भीतर केंद्र सरकार को सौंपेगा।

केंद्रीय मंत्री ने दी सैलरी बढ़ोतरी की संभावित तारीख की जानकारी

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आठवें वेतन आयोग की अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद ही सिफारिशों को लागू करने की विशिष्ट तिथि तय की जाएगी। लेकिन संभावना है कि यह तिथि 1 जनवरी 2026 होगी। केंद्र सरकार ने पहले ही जनवरी 2025 में आयोग के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। इसके आधार पर तय होगा कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को कितनी राशि मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद सभी लेवल के कर्मचारियों की सैलरी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाएगी।

सातवें वेतन आयोग ने क्या बदला था?

सातवां वेतन आयोग फरवरी 2014 में गठित किया गया था और 1 जनवरी 2016 से इसे लागू किया गया। इसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति ए.के. माथुर ने की थी। इस आयोग की सिफारिशों से सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बड़ा उछाल आया था। मुख्य बदलाव इस प्रकार थे:

  • न्यूनतम बेसिक वेतन ₹7,000 से बढ़ाकर ₹18,000 किया गया।

  • फिटमेंट फैक्टर 2.57 गुना तय किया गया।

  • ग्रेड पे सिस्टम हटाकर नया पे मैट्रिक्स लागू किया गया।

  • पारदर्शिता और सरलता के लिए वेतन संरचना को पुनर्गठित किया गया।

इस सुधार से लोअर डिविजन क्लर्क (LDC), मल्टी-टास्किंग स्टाफ, असिस्टेंट और ऑफिसर रैंक तक के कर्मचारियों को सीधा लाभ मिला था।

आठवें वेतन आयोग से कितनी बढ़ सकती है सैलरी?

आठवें वेतन आयोग की सबसे बड़ी सिफारिश फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम बेसिक वेतन में बदलाव की होगी। वर्तमान में बेसिक सैलरी ₹18,000 से ₹19,900 के बीच है, जिसे बढ़ाकर ₹26,000 से ₹27,000 तक किए जाने की संभावना है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि महंगाई और खर्च के अनुरूप वेतन वृद्धि की जाए। सातवें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू था, जबकि इस बार इसे 3.00 से 3.42 गुना तक करने की चर्चा है। यदि किसी एलडीसी (LDC) की वर्तमान बेसिक सैलरी ₹19,900 है और फिटमेंट फैक्टर 3.00 तय किया जाता है, तो नई सैलरी ₹59,700 तक पहुंच सकती है। इसमें डीए, एचआरए और ट्रेवल अलाउंस जोड़ने पर कुल वेतन ₹75,000 से अधिक हो सकता है।

न्यूनतम वेतन ₹26,000 तक और पेंशन ₹25,000 तक बढ़ने की संभावना

वर्तमान में न्यूनतम बेसिक पेंशन ₹9,000 प्रति माह है, जिसे बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह किए जाने की संभावना जताई जा रही है। यानी पेंशन में लगभग तीन गुना तक की बढ़ोतरी संभव है। केंद्र सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 58% डीए (महंगाई भत्ता) पहले से ही पेंशन पर लागू होता है। यदि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें मंजूर होती हैं, तो पेंशनभोगियों को अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है।

पेंशन नियमों में बदलाव: 12 साल की सेवा पर पूरी पेंशन का प्रस्ताव

वर्तमान में केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, 15 साल की नौकरी पूरी करने पर पूरी पेंशन दी जाती है। लेकिन आठवां वेतन आयोग इस अवधि को घटाकर 12 साल करने की सिफारिश कर सकता है। इसका अर्थ यह होगा कि कम अवधि की सेवा वाले कर्मचारी भी पूरी पेंशन पाने के हकदार बन सकेंगे। यह प्रस्ताव लागू होने पर सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच रहे हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा और रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा बढ़ेगी।

पे मैट्रिक्स सिस्टम में भी बड़े बदलाव की तैयारी

8वें वेतन आयोग में नया पे मैट्रिक्स स्ट्रक्चर लागू होने की संभावना है। इसके तहत हर ग्रेड और लेवल के लिए अलग-अलग सेल निर्धारित किए जाएंगे। उदाहरण के लिए,

  • लेवल-2 के कर्मचारियों का बेसिक वेतन ₹26,000 से शुरू होकर ₹59,700 तक जा सकता है।

  • लेवल-3 और लेवल-4 के अधिकारियों के लिए यह ₹75,000 से ₹90,000 तक पहुंच सकता है।

नए पे मैट्रिक्स से वेतन गणना अधिक पारदर्शी और लचीली होगी। इससे पदोन्नति और वेतन वृद्धि की प्रक्रिया सरल बनेगी।

सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदें और कर्मचारी संघों की मांगें

कर्मचारी संगठनों ने सरकार से मांग की है कि वेतन आयोग की सिफारिशों में महंगाई दर, मुद्रास्फीति और जीवन-यापन की वास्तविक लागत को ध्यान में रखा जाए। कर्मचारी संघ चाहते हैं कि इस बार फिटमेंट फैक्टर कम से कम 3.5 गुना तक बढ़ाया जाए और महंगाई भत्ता (DA) को हर छह महीने में पुनरीक्षित किया जाए। इसके अलावा, पेंशनभोगियों के लिए एकीकृत पेंशन वितरण प्रणाली (Uniform Pension Scheme) को और सरल व पारदर्शी बनाए जाने की उम्मीद है।

आठवां वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आर्थिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। इससे न केवल कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी होगी बल्कि पेंशन प्रणाली भी अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनेगी।

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