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सरकार ने बदले योजनाओं का नाम, अब खाली थैला पकड़ा रही: गहलोत

सरकार ने बदले योजनाओं का नाम, अब खाली थैला पकड़ा रही: गहलोत

शोभना शर्मा। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को टोंक में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में इस समय “सरकार नाम की कोई चीज नहीं है” और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सिर्फ पिछली कांग्रेस सरकार की योजनाओं के नाम बदलने में लगी है, जबकि जमीनी स्तर पर आम जनता को कोई लाभ नहीं मिल रहा।

गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यदि गुड गर्वनेंस होगी तो जनता को फायदा मिलेगा, लेकिन मौजूदा सरकार ने योजनाओं का सिर्फ नाम बदला है। अन्नपूर्णा योजना का नाम बदल दिया, पर अब गरीबों को खाली थैला पकड़ा रहे हैं। इससे न तो गरीबों का भला हो रहा और न ही सरकार की साख बच रही है।”

भ्रष्टाचार पर बड़ा आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार बढ़ाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब बिना पैसों के कोई काम नहीं हो रहा है और अफसरशाही बेलगाम हो चुकी है। गहलोत ने कहा, “सरकार में कोई सुनने वाला नहीं है। जनता परेशान है, लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कुछ बोल नहीं पा रहे। मेरा उनसे कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है, लेकिन वे जनता की तकलीफों पर मौन साधे हुए हैं।”

गहलोत ने आगे कहा कि भाजपा सरकार जनता को राहत देने के बजाय पुराने कामों का श्रेय लेने और योजनाओं की सिर्फ पैकिंग बदलने में लगी है। उन्होंने कहा, “जब जनता तक योजनाओं का असली फायदा नहीं पहुंचेगा तो इसे विकास नहीं कहा जा सकता।”

एसएमएस अस्पताल अग्निकांड पर सवाल

टोंक में पत्रकारों से बातचीत के दौरान गहलोत ने जयपुर के एसएमएस अस्पताल में हुई आग की घटना पर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार लीपापोती कर रही है।
गहलोत ने कहा, “मुख्यमंत्री ने पांच-सात लोगों की एक कमेटी बना दी है और सात दिन में रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। रिपोर्ट दे भी दी जाएगी और मामला वहीं खत्म हो जाएगा। दो-चार लोगों को सस्पेंड करके सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।”

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं की न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। गहलोत ने कहा, “मैंने पहले भी कहा था कि ऐसी घटनाओं में न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी संस्थानों में जो भी खामियां हैं, उनकी सही रिपोर्ट तैयार की जा सके।”

विपक्ष की भूमिका पर बोले गहलोत

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस विपक्ष में रहकर जनता की आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा, “हम विपक्ष में हैं, हमारा फर्ज है कि जनता के हक में बोलें। जब सरकार जवाबदेही से भागती है, तब विपक्ष की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।”

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को जनता से किए वादों को याद रखना चाहिए। “सरकार को सोचना चाहिए कि जनता ने उसे भरोसे से चुना है, न कि पुराने कामों को नकारने या योजनाओं के नाम बदलने के लिए।”

गहलोत का टोंक दौरा

अशोक गहलोत टोंक में तब रुके जब वे पूर्व मंत्री भरत सिंह के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने कोटा जा रहे थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और जनता से अपील की कि वे शासन के असली मुद्दों को समझें।

गहलोत ने कहा, “सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन जनता का भला तभी होगा जब नीयत साफ हो। आज जरूरत है पारदर्शिता और जवाबदेही की, जो मौजूदा सरकार में दिखाई नहीं देती।”

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