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Google ने इडली को समर्पित किया खास Doodle, पूरी दुनिया में छाई साउथ इंडियन डिश

Google ने इडली को समर्पित किया खास Doodle, पूरी दुनिया में छाई साउथ इंडियन डिश

शोभना शर्मा। भारत की विविधतापूर्ण संस्कृति और खानपान के सम्मान में Google ने आज एक बेहद खास Doodle जारी किया है, जो पूरी तरह भारत की मशहूर साउथ इंडियन डिश ‘इडली’ (Idli) को समर्पित है। इस Doodle में गूगल का लोगो एक पारंपरिक दक्षिण भारतीय थाली के रूप में नज़र आता है — केले के पत्ते पर सजी इडली, नारियल चटनी और सांभर के साथ। गूगल ने अपने संदेश में कहा कि यह Doodle किसी विशेष अवसर या सालगिरह के लिए नहीं बनाया गया है, बल्कि भारत की इस पारंपरिक डिश के सांस्कृतिक और पोषण संबंधी महत्व को सम्मान देने के लिए तैयार किया गया है।

इडली क्यों है भारत की पहचान

भारत के हर हिस्से में अपनी अलग-अलग पारंपरिक डिश हैं, लेकिन इडली एक ऐसी डिश है जिसने देश की सीमाओं को पार करते हुए अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल की है। इडली दक्षिण भारत का पारंपरिक नाश्ता है, जो अब पूरे भारत में लोकप्रिय हो चुका है। इसे चावल और उड़द दाल के मिश्रण से तैयार किया जाता है।इडली की खासियत यह है कि इसे तलने के बजाय भाप में पकाया जाता है, जिससे यह बेहद हल्की, फूली और पचने में आसान बनती है। इसे आमतौर पर नारियल चटनी और सांभर के साथ परोसा जाता है, जो इसके स्वाद को दोगुना कर देता है।

इडली की तैयारी: परंपरा और धैर्य का संगम

इडली बनाना देखने में जितना आसान लगता है, असल में यह उतनी ही संवेदनशील और समय लेने वाली प्रक्रिया है। इसकी तैयारी में तीन मुख्य चरण होते हैं:

  1. भिगोना: सबसे पहले चावल और उड़द दाल को कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोया जाता है।

  2. पीसना और फर्मेंटेशन: इसके बाद इनका मुलायम पेस्ट बनाकर उसे कुछ घंटों के लिए रखा जाता है ताकि उसमें प्राकृतिक खमीर उठ सके।

  3. स्टीमिंग: खमीर उठने के बाद इस मिश्रण को सांचे में डालकर स्टीम किया जाता है। नतीजतन, तैयार होती है फूली, नरम और हल्की इडली।

यह प्रक्रिया न केवल स्वाद में बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी फायदेमंद है, क्योंकि फर्मेंटेशन (खमीर उठना) प्रक्रिया भोजन के पोषक तत्वों को बढ़ाती है।

सोशल मीडिया पर छाई #IdliLove की लहर

जैसे ही Google ने यह खास Doodle जारी किया, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #IdliLove और #GoogleDoodle ट्रेंड करने लगे। लोगों ने अपने बचपन की यादें, घर की बनी इडली की तस्वीरें, दादी-नानी के रेसिपी टिप्स और इडली के साथ जुड़े अनुभव साझा किए। कई यूज़र्स ने बताया कि कैसे इडली उनके लिए सिर्फ नाश्ता नहीं बल्कि कम्फर्ट फूड है — हल्का, स्वादिष्ट और हर उम्र के लिए उपयुक्त। कुछ ने लिखा कि “सुबह की शुरुआत अगर इडली-सांभर से हो, तो पूरा दिन ऊर्जा से भर जाता है।”

Google ने 11 अक्टूबर को क्यों चुना?

भले ही World Idli Day हर साल 30 मार्च को मनाया जाता है, लेकिन Google ने 11 अक्टूबर को यह Doodle जारी करके यह संदेश दिया कि इडली किसी एक दिन की नहीं, बल्कि हर दिन मनाने लायक भारतीय डिश है। Google का यह कदम भारत के पारंपरिक भोजन को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास भी माना जा रहा है। साथ ही, यह इस बात का प्रतीक है कि भारत की भोजन संस्कृति अब ग्लोबल फूड ट्रेंड्स में अपनी जगह बना रही है।

इडली के हेल्थ बेनिफिट्स: स्वाद के साथ सेहत का संगम

इडली सिर्फ स्वादिष्ट नहीं, बल्कि सेहतमंद भी है। डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट इसे संतुलित नाश्ता (Balanced Breakfast) मानते हैं।

1. हेल्दी और हल्की डिश

इडली स्टीम्ड होती है, यानी इसमें तेल का प्रयोग बहुत कम होता है। इसलिए यह पेट के लिए हल्की और आसानी से पचने वाली होती है।

2. एनर्जी बूस्टर

चावल में मौजूद कार्बोहाइड्रेट शरीर को दिनभर की ऊर्जा प्रदान करते हैं।

3. प्रोटीन का अच्छा स्रोत

उड़द दाल में भरपूर प्रोटीन होता है, जो शरीर की मांसपेशियों और टिश्यू को मजबूत बनाता है।

4. डाइट फ्रेंडली और वीगन

इडली बिना किसी पशु-उत्पाद के बनती है, इसलिए यह वीगन और ग्लूटेन-फ्री फूड का बेहतरीन उदाहरण है। वजन कम करने वालों के लिए भी यह आदर्श भोजन है।

5. हर उम्र के लिए उपयुक्त

कम मसाले और ऑयल की वजह से यह बच्चों, बुजुर्गों और बीमारियों से उबर रहे लोगों के लिए भी उपयुक्त भोजन है।

इडली का वैश्विक सफर

कभी दक्षिण भारत की सीमाओं तक सीमित रही यह डिश आज अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे देशों के रेस्टोरेंट्स के मेन्यू में शामिल हो चुकी है। इडली की यह लोकप्रियता भारतीय खानपान संस्कृति की विविधता और संतुलन का प्रमाण है। कई विदेशी फूड ब्लॉगर्स ने भी इडली को “World’s Healthiest Breakfast” करार दिया है। Google का यह Doodle इसी अंतरराष्ट्रीय पहचान को और सशक्त बनाता है।

Google का इडली Doodle सिर्फ एक कलात्मक प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर सम्मान देने का प्रतीक है।
इडली भारतीय जीवनशैली का हिस्सा है — सरलता, स्वास्थ्य और स्वाद का बेहतरीन मिश्रण। आज का दिन न सिर्फ इडली प्रेमियों के लिए खास है, बल्कि यह इस बात का भी संकेत है कि भारतीय परंपराएं और व्यंजन अब दुनिया के हर कोने में अपने स्वाद और पहचान से जगह बना रहे हैं।

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