राजस्थान रोडवेज (RSRTC) से सेवानिवृत्त ड्राइवरों के लिए एक बार फिर रोजगार के द्वार खुलने जा रहे हैं। निगम ने ड्राइवरों की लगातार बनी कमी और इसके कारण बसों के निरस्त होने से हो रही राजस्व हानि को देखते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब रोडवेज से रिटायर्ड ड्राइवरों को दोबारा नौकरी पर रखने की तैयारी की जा रही है।
इस फैसले से न केवल निगम की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलने की उम्मीद है, बल्कि वर्षों का अनुभव रखने वाले ड्राइवरों को भी फिर से रोजगार का अवसर मिलेगा।
ड्राइवरों की कमी से हो रहा है नुकसान
राजस्थान रोडवेज के विभिन्न आगारों में इस समय ड्राइवरों की भारी कमी बनी हुई है। कई रूटों पर बसें केवल इस कारण नहीं चल पा रही हैं क्योंकि पर्याप्त ड्राइवर उपलब्ध नहीं हैं। इसका सीधा असर यात्रियों की सुविधा और निगम के राजस्व पर पड़ रहा है।
बसों का संचालन नियमित रूप से नहीं हो पाने से हर दिन निगम को लाखों रुपये की आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। इसी समस्या के समाधान के लिए परिवहन निगम ने अनुभवी रिटायर्ड कार्मिकों को फिर से सेवा में लेने का निर्णय किया है।
फिक्स सैलरी पर होगी अनुबंध नियुक्ति
राजस्थान परिवहन निगम के अध्यक्ष शुभा सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत रोडवेज से रिटायर्ड ड्राइवरों के साथ-साथ अन्य विभागों के इच्छुक सेवानिवृत्त कार्मिकों को भी फिक्स सैलरी पर अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया जाएगा। यह नियुक्तियां स्थायी नहीं होंगी, बल्कि कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से की जाएंगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था से निगम को अनुभवी और प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलेगा, जिससे बस संचालन में तुरंत सुधार किया जा सकेगा।
65 वर्ष तक के ड्राइवरों को मिलेगा मौका
इस योजना के अंतर्गत 65 वर्ष तक की आयु के स्वच्छ छवि वाले ड्राइवर लाइसेंसधारी रिटायर्ड कार्मिकों को विभिन्न आगारों में फिर से रोजगार दिया जाएगा। चयन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कार्मिक का रिकॉर्ड संतोषजनक रहा हो और उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस मौजूद हो।
अनुभवी ड्राइवरों की वापसी से नए कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने में लगने वाला समय भी बचेगा और तुरंत बसों का संचालन शुरू किया जा सकेगा।
नियुक्ति के लिए जरूरी दस्तावेज
रिटायर्ड कार्मिकों को पुनर्नियुक्ति के लिए अपने सेवानिवृत्ति आदेश, पेंशन भुगतान आदेश की प्रति, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, शपथ पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज संबंधित आगार या इकाई में प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेजों की जांच के बाद ही उन्हें अनुबंध पर नियुक्त किया जाएगा।
इस प्रक्रिया से निगम को भरोसेमंद और अनुभवी ड्राइवर उपलब्ध होंगे, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित की जा सकेंगी।
निगम और यात्रियों दोनों को होगा लाभ
राजस्थान रोडवेज की यह पहल कई स्तरों पर लाभकारी मानी जा रही है। एक ओर जहां बसों का संचालन सुचारु होने से निगम की राजस्व हानि रुकेगी, वहीं दूसरी ओर यात्रियों को नियमित और समय पर परिवहन सुविधा मिल सकेगी।


