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टोडाभीम प्रीमियर लीग में गोलमा देवी का बयान वायरल, बोलीं- टोडाभीम का बाबा नहीं, फूफा है किरोड़ी लाल मीणा

टोडाभीम प्रीमियर लीग में गोलमा देवी का बयान वायरल, बोलीं- टोडाभीम का बाबा नहीं, फूफा है किरोड़ी लाल मीणा

शोभना शर्मा।  राजस्थान के करौली जिले के टोडाभीम में आयोजित टोडाभीम प्रीमियर लीग क्रिकेट महोत्सव का उद्घाटन समारोह उस समय सुर्खियों में आ गया, जब मंच से पूर्व मंत्री और कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की पत्नी गोलमा देवी मीणा ने ऐसा बयान दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। यह पूरा मामला 21 दिसंबर 2025, रविवार का बताया जा रहा है। उद्घाटन समारोह में गोलमा देवी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुई थीं और उनके संबोधन के दौरान दिए गए बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है।

‘टोडाभीम का बाबा नहीं, फूफा है’ बयान हुआ वायरल

कार्यक्रम के दौरान मंच से संबोधित करते हुए गोलमा देवी मीणा ने डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को लेकर कहा कि टोडाभीम का बाबा नहीं, बल्कि फूफा है। उन्होंने कहा कि फूफा उसी दिन आएगा, जिस दिन प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला होगा और उसी दिन डॉ. किरोड़ी लाल मीणा टोडाभीम आएंगे। उनके इस बयान को वहां मौजूद लोगों ने तालियों के साथ सुना, लेकिन बाद में यही बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

दरअसल टोडाभीम में किरोड़ी लाल मीणा को उनके समर्थक प्यार से बाबा कहकर पुकारते हैं। गोलमा देवी ने स्पष्ट किया कि टोडाभीम उनका मायका है और मायके के लिहाज से बाबा नहीं, फूफा कहा जाएगा। इसी संदर्भ में उन्होंने यह टिप्पणी की, जिसे अब अलग-अलग तरह से देखा जा रहा है।

बजट और विकास कार्यों को लेकर भी दिया बयान

अपने संबोधन के दौरान गोलमा देवी मीणा ने खुद को भूतपूर्व मंत्री बताते हुए कहा कि उनके पास बजट की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि क्रिकेट महोत्सव के आयोजकों ने उन्हें उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया था, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया। उन्होंने मंच से कहा कि डॉ. किरोड़ी लाल मीणा जैसे नेता से विकास के काम जरूर करवा लेने चाहिए, क्योंकि ऐसा नेता बार-बार नहीं मिलता।

उन्होंने विशेष रूप से सड़क निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि जहां सड़क नहीं है, वहां सड़क जरूर बनवा ली जाए। गोलमा देवी ने एक निजी अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब उन्होंने अपने ससुराल क्षेत्र में सड़क न होने की बात कही थी, तब डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जवाब दिया था कि उनके लिए सभी ससुराल समान हैं। इस बयान को भी लोगों ने खूब सराहा।

खिलाड़ियों को दी खेल भावना की सीख

गोलमा देवी ने क्रिकेट महोत्सव में भाग ले रहे खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ खेलने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेल से अनुशासन, एकता और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। उन्होंने खिलाड़ियों से अपील की कि जीत और हार दोनों को समान रूप से स्वीकार करें और खेल को खेल की तरह ही लें।

‘साड़ी नहीं, लुगड़ी पहनकर आना चाहिए’ पर भी चर्चा

कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद एक महिला को संबोधित करते हुए गोलमा देवी ने कहा कि जब क्रिकेट महोत्सव में गोलमा देवी आ रही हों, तो साड़ी नहीं, बल्कि लुगड़ी पहनकर आना चाहिए। उनके इस बयान पर भी मंच और पंडाल में हल्की हंसी और चर्चा का माहौल देखने को मिला। यह टिप्पणी भी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का हिस्सा बन गई है।

शिक्षा और मोबाइल को लेकर युवाओं को संदेश

अपने संबोधन में गोलमा देवी मीणा ने शिक्षा और मोबाइल फोन के बढ़ते प्रभाव पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वे खुद ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं हैं, क्योंकि उनके समय में लड़कियों की पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता था। उन्होंने युवाओं को सीख देते हुए कहा कि आज के समय में मोबाइल खतरनाक साबित हो रहा है, क्योंकि लड़के-लड़कियां मोबाइल में उलझे रहते हैं और पढ़ाई से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा सबसे जरूरी है और युवाओं को अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए पढ़ाई को प्राथमिकता देनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं

गोलमा देवी मीणा के इस पूरे संबोधन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग इसे सहज और पारिवारिक टिप्पणी मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक बयान के तौर पर देख रहे हैं। टोडाभीम प्रीमियर लीग का यह उद्घाटन समारोह अब क्रिकेट से ज्यादा गोलमा देवी के बयान की वजह से चर्चा में आ गया है।

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