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सोना चांदी 2026 में भी चमकेंगे: बढ़ती डिमांड और ब्याज दर कटौती से कीमतों में तेजी के संकेत

सोना चांदी 2026 में भी चमकेंगे: बढ़ती डिमांड और ब्याज दर कटौती से कीमतों में तेजी के संकेत

शोभना शर्मा।  साल 2025  सोना चांदी दोनों के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। घरेलू बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक, इन धातुओं की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। बाजार जानकारों का मानना है कि यह तेजी केवल शुरुआत है। आने वाला वर्ष 2026 भी सोने और चांदी दोनों के लिए मजबूत प्रदर्शन का संकेत दे रहा है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर इंडेक्स की कमजोरी और इंडस्ट्रियल डिमांड जैसे कई बड़े फैक्टर कीमतों को ऊपर की तरफ ले जा रहे हैं। 12 दिसंबर को भी सोना-चांदी तेजी के साथ ट्रेड हुए, जिसमें चांदी ने एक नई ऐतिहासिक ऊंचाई बना दी।

सोना-चांदी के दाम में आज भी उछाल

12 दिसंबर को सोने और चांदी की कीमतों में नई तेजी देखने को मिली। बाजार में 24 कैरेट वाला 10 ग्राम सोना 1,32,660 रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले सत्र से 1,910 रुपये अधिक है। चांदी ने सभी कीमती धातुओं को पीछे छोड़ते हुए इतिहास रच दिया। प्रति किलोग्राम चांदी के दाम 2,04,000 रुपये तक पहुंच गए, जो पिछले व्यापारिक दिवस की तुलना में 3,000 रुपये की सीधी छलांग है। यह उछाल दर्शाता है कि चांदी में तेजी अक्सर सोने की तुलना में अधिक तीव्र और अचानक देखने को मिलती है।

सिल्वर का बढ़ता इंडस्ट्रियल पक्ष: 2026 के लिए मजबूत संकेत

यह सवाल अक्सर सामने आता है कि सोने और चांदी में किस पर दांव लगाना अधिक समझदारी है। इसका जवाब निवेश के उद्देश्य के अनुसार बदलता है। सोना सदियों से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माना जाता है और आमतौर पर वित्तीय अनिश्चितता के समय इसकी मांग बढ़ती है। इसके विपरीत, चांदी का चरित्र दोहरा है—यह कीमती धातु भी है और इंडस्ट्रियल मेटल भी। चांदी की मांग बढ़ाने वाले प्रमुख सेक्टर:

  1. सोलर पैनल उद्योग

  2. इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण

  3. इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण (EV Manufacturing)

  4. फार्मास्यूटिकल और मेडिकल उपयोग

दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका ने चांदी को अपनी वर्ष 2025 की क्रिटिकल मिनरल्स लिस्ट में शामिल किया है। इससे साफ संकेत मिलता है कि आने वाले वर्षों में क्लीन एनर्जी और हाई-टेक इंडस्ट्री में चांदी की रणनीतिक भूमिका और मजबूत होगी। यही कारण है कि कई विश्लेषक चांदी को गोल्ड की तुलना में अधिक तेज़ी वाला विकल्प मान रहे हैं।

एक्सपर्ट की राय: चांदी की तेजी पर कुछ शंका भी

हालांकि चांदी की चमक बढ़ रही है, लेकिन सभी विशेषज्ञ इस तेजी को स्थायी नहीं मानते। ग्लोबल वेल्थ मैनेजमेंट ग्रुप जूलियस बेयर के हेड, नेक्स्ट जेनरेशन रिसर्च कार्स्टन मेन्के के अनुसार चांदी की कीमतों का हालिया उछाल पूरी तरह फंडामेंटल्स पर आधारित नहीं है।

उनका कहना है कि:

  • चांदी में यह तेज़ी अधिकतर सट्टेबाजी, बाजार की गति और ट्रेंड फॉलोअर्स के कारण दिखाई दे रही है।

  • कई टेक्निकल संकेतक बताते हैं कि इतनी मजबूत तेजी को लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।

  • जूलियस बेयर चांदी पर फिलहाल न्यूट्रल रुख बनाए हुए है।

मेन्के का मानना है कि सोना बेहतर स्थिरता प्रदान करता है क्योंकि उसकी कीमतें निवेश मांग और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से लगातार मजबूत होती हैं। 2025 में भी कई देशों के सेंट्रल बैंक सोने की खरीदारी में आक्रामक रहे हैं, जिसने कीमतों को मजबूती दी।

रिच डैड पुअर डैड के लेखक कियोसाकी का चांदी पर भरोसा

वैश्विक निवेश जगत में मशहूर नाम रॉबर्ट कियोसाकी भी चांदी के बड़े समर्थक माने जाते हैं। उनकी दृष्टि में:

  • चांदी का इंडस्ट्रियल उपयोग लगातार बढ़ रहा है

  • कीमतें लंबे समय में ऊपर ही बढ़ सकती हैं

  • चांदी सोने से सस्ती होने के चलते आम निवेशक के लिए अधिक सुलभ विकल्प है

कुछ समय पहले कियोसाकी ने सोशल मीडिया पर सलाह दी थी कि निवेशकों को चांदी को प्राथमिकता देनी चाहिए क्योंकि भविष्य में इसकी मांग लगातार बढ़ने की संभावना है। उनके मुताबिक, सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में तेजी से बढ़ते उपयोग के कारण चांदी की कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव रहेगा।

2026 में गोल्ड-सिल्वर की दिशा: कौन रहेगा आगे?

1. ब्याज दरों में कटौती होने की संभावना
फेडरल रिजर्व यदि ब्याज दरों में कटौती करता है, तो गोल्ड और सिल्वर दोनों मजबूत होंगे। कम ब्याज दरें कीमती धातुओं की खरीद को आकर्षक बनाती हैं।

2. भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की तलाश
युद्ध, चुनावी अस्थिरता और वैश्विक आर्थिक दबाव निवेशकों को Safe-Haven Assets की तरफ ले जाते हैं, जिसमें गोल्ड-सिल्वर दोनों शामिल हैं।

3. चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड अमूमन सोने से तेज बढ़ती है
यह फैक्टर चांदी के पक्ष को 2025 में और मजबूत बना सकता है।

4. सोना ज्यादा स्थिर और कम उतार-चढ़ाव वाला विकल्प
लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए सोना स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करता है।

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