देश के सर्राफा बाजार में 24 अप्रैल को सोना और चांदी दोनों की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। वैश्विक बाजार के संकेतों, निवेशकों की खरीदारी और घरेलू मांग के चलते कीमती धातुओं के दाम में तेजी दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत में 420 रुपए की बढ़ोतरी हुई और यह 1,51,479 रुपए पर बंद हुआ। इससे पहले 23 अप्रैल को यही सोना 1,51,059 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। लगातार उतार-चढ़ाव के बीच सोना फिर मजबूती के साथ ऊपर चढ़ता दिखाई दिया है।
चांदी की कीमतों में भी आज जोरदार उछाल देखने को मिला। एक किलो चांदी 3,229 रुपए महंगी होकर 2,40,596 रुपए पर पहुंच गई। चांदी में आई यह तेजी औद्योगिक मांग और निवेशकों की रुचि दोनों का संकेत मानी जा रही है। सोने के साथ-साथ चांदी में भी हाल के दिनों में अच्छा उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिससे निवेशकों की नजर इस धातु पर भी बनी हुई है।
यदि पूरे वर्ष 2026 की बात करें तो सोना अब तक काफी मजबूत प्रदर्शन कर चुका है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 1.33 लाख रुपए थी, जो अब बढ़कर 1.51 लाख रुपए से ऊपर पहुंच चुकी है। यानी इस वर्ष अब तक सोने में करीब 18 हजार रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। यह बढ़त बताती है कि आर्थिक अनिश्चितता, वैश्विक तनाव और सुरक्षित निवेश की तलाश में लोग सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
चांदी ने भी इस वर्ष अच्छा रिटर्न दिया है। वर्ष 2025 के अंत में चांदी का भाव लगभग 2.30 लाख रुपए प्रति किलो था, जो अब बढ़कर 2.40 लाख रुपए के करीब पहुंच गया है। यानी इस साल चांदी लगभग 10 हजार रुपए महंगी हुई है। हालांकि चांदी की चाल सोने की तुलना में अधिक अस्थिर मानी जाती है, लेकिन निवेश और उद्योग दोनों क्षेत्रों में इसकी मजबूत मांग रहती है।
इस वर्ष जनवरी महीने में दोनों धातुओं ने रिकॉर्ड स्तर भी छुआ था। 29 जनवरी को सोना 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था, जबकि चांदी ने 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर बनाया था। मौजूदा कीमतों की तुलना करें तो सोना अपने उच्चतम स्तर से लगभग 25 हजार रुपए नीचे है, जबकि चांदी अपने पीक से करीब 1.46 लाख रुपए सस्ती हो चुकी है। इसका मतलब है कि हालिया तेजी के बावजूद दोनों धातुएं अभी अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे कारोबार कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय आर्थिक हालात, डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरें, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और भू-राजनीतिक तनाव का बड़ा असर पड़ता है। जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं। इसी कारण सोने की कीमतों में तेजी अक्सर वैश्विक घटनाओं से जुड़ी होती है।
चांदी की स्थिति थोड़ी अलग रहती है, क्योंकि इसका उपयोग आभूषणों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, मेडिकल उपकरण और औद्योगिक उत्पादन में भी होता है। इसलिए चांदी की कीमतें निवेशकों के साथ-साथ औद्योगिक मांग से भी प्रभावित होती हैं।
अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। सबसे पहले हमेशा प्रमाणित यानी हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदना चाहिए। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड यानी BIS द्वारा प्रमाणित सोने पर हॉलमार्क अंकित होता है, जिससे उसकी शुद्धता की पुष्टि होती है। इससे खरीदार को यह भरोसा मिलता है कि वह जितने कैरेट का सोना खरीद रहा है, वास्तव में वही गुणवत्ता उसे मिल रही है।
सोने की खरीदारी से पहले उस दिन का बाजार भाव अलग-अलग स्रोतों से जांच लेना भी जरूरी है। सोने के दाम 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के अनुसार अलग-अलग होते हैं। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य शुल्क भी जुड़ते हैं, इसलिए अंतिम कीमत समझकर ही खरीदारी करनी चाहिए।
चांदी खरीदने वालों के लिए भी सावधानी जरूरी है। असली चांदी की पहचान कई घरेलू तरीकों से की जा सकती है। चांदी चुंबक से नहीं चिपकती, इसलिए मैग्नेट टेस्ट उपयोगी माना जाता है। चांदी गर्मी की अच्छी संवाहक होती है, इसलिए उस पर बर्फ जल्दी पिघलती है। असली चांदी में किसी प्रकार की तेज गंध नहीं होती, जबकि नकली मिश्रधातु में धात्विक गंध आ सकती है। इसके अलावा सफेद कपड़े से रगड़ने पर यदि काला निशान दिखाई दे तो वह वास्तविक चांदी होने का संकेत माना जाता है।
सर्राफा कारोबारियों के अनुसार शादी-विवाह का सीजन, त्योहारी मांग और निवेशकों की खरीदारी आने वाले महीनों में सोना-चांदी के बाजार को प्रभावित कर सकती है। यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां अनिश्चित बनी रहती हैं तो सोना फिर मजबूत हो सकता है। वहीं चांदी में भी तेजी की संभावना बनी रह सकती है।
कुल मिलाकर 24 अप्रैल का कारोबारी दिन कीमती धातुओं के लिए सकारात्मक रहा। सोना 1.51 लाख रुपए के पार बंद हुआ, जबकि चांदी 2.40 लाख रुपए प्रति किलो के करीब पहुंच गई। निवेशकों और खरीदारों के लिए यह समय बाजार पर नजर बनाए रखने का है, क्योंकि आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।


