जयपुर में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों के एक बड़े वर्ग द्वारा भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के फैसले के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं और इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है। गहलोत ने कहा कि भाजपा लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के प्रभाव में विभिन्न एजेंसियां काम कर रही हैं और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए उनका इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना था कि देश के सामने यह स्पष्ट हो चुका है कि किस तरह राजनीतिक विरोधियों को दबाने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने राघव चड्ढा के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें लंबे समय तक परेशान किया गया। इसके अलावा अन्य नेताओं के नाम भी विभिन्न मामलों में जोड़कर उन्हें दबाव में लाने का प्रयास किया गया। गहलोत ने यह भी कहा कि भाजपा इस तरह की रणनीतियों से भले ही अल्पकालिक राजनीतिक लाभ उठा ले, लेकिन देश की जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर जवाब भी देगी।
अपने बयान में गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं को यह भ्रम है कि जनता उनकी हर नीति को स्वीकार कर रही है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हिंदुत्व के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन इस विचारधारा को मजबूत करने के लिए कोई ठोस काम नहीं किया गया है। गहलोत के अनुसार, केवल लोगों को भड़काने की राजनीति की जा रही है।
गहलोत ने एक और बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने “वॉशिंग मशीन” की तरह काम करना शुरू कर दिया है, जिसमें शामिल होने के बाद नेताओं के खिलाफ सभी आरोप खत्म हो जाते हैं। उनका इशारा उन मामलों की ओर था, जिनमें पहले विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई होती है और बाद में उनके सत्ता पक्ष में शामिल होने के बाद वे मामले ठंडे पड़ जाते हैं।
राजस्थान की राजनीति का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि भाजपा राज्य में भी अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर चुकी है। उन्होंने 2020 के उस राजनीतिक संकट को याद किया, जब कांग्रेस सरकार को गिराने के प्रयासों के आरोप लगे थे। गहलोत ने कहा कि उस समय उनके नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल को एकजुट रखने के लिए 34 दिनों तक होटल में रहना पड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने उस दौरान विधायकों को तोड़ने की कोशिश की थी।
उन्होंने वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का नाम लेते हुए कहा कि ये नेता बार-बार पुराने मुद्दों को उठाकर कांग्रेस में फूट डालने की कोशिश करते हैं। गहलोत ने साफ कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह एकजुट है और भाजपा की कोशिशें सफल नहीं होंगी।
इस पूरे विवाद का केंद्र वह फैसला है, जिसमें आम आदमी पार्टी के कई राज्यसभा सांसदों ने भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार, राघव चड्ढा ने करीब 14 साल का अपना राजनीतिक सफर आम आदमी पार्टी के साथ खत्म करते हुए भाजपा के साथ नई शुरुआत करने की घोषणा की है। उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भी पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया है।
इस घटनाक्रम के बाद राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की स्थिति कमजोर हो गई है और उसके सांसदों की संख्या घटकर काफी कम रह गई है। वहीं, आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर आरोप लगाया है कि उसने सुनियोजित तरीके से सांसदों को अपने पक्ष में किया है। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे राजनीतिक व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
गहलोत ने पश्चिम बंगाल के चुनावी हालात का जिक्र करते हुए भी कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में जो घटनाएं हो रही हैं, वे चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि जनता को अब अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती ही देश के भविष्य को सुरक्षित रख सकती है।


