राजस्थान के कुचामन शहर में व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों को मिल रही धमकियों के खिलाफ आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। भाजपा नेता विजय सिंह पलाड़ा को कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग से जुड़े बदमाश की ओर से जान से मारने की धमकी मिलने के बाद सर्व समाज ने एकजुट होकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सोमवार को हुई सर्व समाज की बैठक में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर उनके पूरे नेटवर्क का खुलासा नहीं किया गया, तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
धमकियों से नहीं थमा रंगदारी का सिलसिला
बैठक में वक्ताओं ने बताया कि व्यापारी रमेश रूलानिया की हत्या के बाद भी रंगदारी वसूली का सिलसिला थमा नहीं है। लगातार व्यापारियों को फोन कॉल और वॉयस नोट के जरिए धमकियां दी जा रही हैं, जिससे शहर में भय का माहौल बन गया है। इसी कड़ी में भाजपा नेता विजय सिंह पलाड़ा को भी जान से मारने की धमकी मिली है। वक्ताओं ने दो टूक कहा कि कुचामन अब और लाशें नहीं गिनेगा और समय रहते कठोर कार्रवाई जरूरी है।
व्हाट्सएप कॉल और वॉयस नोट से दी गई धमकी
विजय सिंह पलाड़ा ने बताया कि धमकियों का सिलसिला 13 फरवरी से शुरू हुआ था, लेकिन सोमवार दोपहर करीब 2 बजकर 48 मिनट पर फिर व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल न उठाने पर “फोन उठा” का मैसेज भेजा गया और इसके बाद वीरेंद्र चारण के नाम से धमकी भरा वॉयस नोट भेजा गया। वॉयस नोट में कहा गया कि “तेरा भी रमेश रूलानिया जैसा ही होगा… किसी से भी फोन करा ले… टाइम लगेगा, लेकिन मार देंगे।” इस संदेश ने शहर में दहशत और आक्रोश दोनों बढ़ा दिए।
धमकी में गोगामेड़ी का नाम, गुस्सा और भड़का
बैठक में यह भी बताया गया कि धमकी भरे ऑडियो में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी का नाम लेते हुए वैसा ही अंजाम करने की बात कही गई। गोगामेड़ी की हत्या करने वाली गैंग का नाम धमकी में आने से लोगों का गुस्सा और भड़क गया। गोगामेड़ी की पत्नी शीला शेखावत ने भी इस मुद्दे पर धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की है, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिलने की संभावना है।
लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द पर हमला
बैठक में भाजपा नेता भंवर सिंह पलाड़ा ने कहा कि यह धमकी केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि यदि बदमाशों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई, तो यह संदेश जाएगा कि कानून का डर खत्म हो चुका है, जो किसी भी समाज के लिए घातक है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
सर्व समाज की बैठक में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए। वक्ताओं का कहना था कि गैंगस्टर खुलेआम धमकी दे रहे हैं, लेकिन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से उनके हौसले बुलंद हैं। यदि प्रशासन ने अब भी कठोर कदम नहीं उठाए, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
कुचामन बंद और पैदल मार्च का ऐलान
रंगदारी और धमकियों के विरोध में मंगलवार को कुचामन शहर बंद रखने की घोषणा की गई है। सुबह 11 बजे शहरवासी कनोई पार्क में एकत्रित होंगे और वहां से जुलूस के रूप में कुचामन पुलिस थाना तक पैदल मार्च किया जाएगा। अपराधियों की गिरफ्तारी और उनके नेटवर्क के खुलासे की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। सर्व समाज का कहना है कि जब तक सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।


