शोभना शर्मा। बिहार के दरभंगा में राहुल गांधी की चुनावी सभा के दौरान एक युवक द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के खिलाफ अपशब्द कहे जाने का मामला लगातार राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। इस घटना को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल आमने-सामने आ गए हैं। हालांकि अपशब्द कहने वाले युवक की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन अब यह विवाद केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया है। इसी मुद्दे पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि मां को गाली देना कांग्रेस के डीएनए का हिस्सा है।
गहलोत पर सीधा निशाना
जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को गाली देने का कृत्य बेहद निंदनीय है। उन्होंने इसे कांग्रेस की मानसिकता का हिस्सा बताया। शेखावत ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का उदाहरण देते हुए कहा कि गहलोत ने भी उनकी मां के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने संजीवनी घोटाले से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए गहलोत पर निशाना साधा और कहा कि यह कांग्रेस की पुरानी आदत है कि वह निजी हमले करती है।
शेखावत ने आगे कहा कि अशोक गहलोत आज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हो सकते थे, लेकिन सत्ता की भूख ने उन्हें पीछे धकेल दिया। उन्होंने कहा, “गहलोत कांग्रेस के उन वरिष्ठ नेताओं में से हैं जो विचलन की राह पर चले गए। अगर वे सही समय पर सही फैसले लेते, तो आज उनकी स्थिति कहीं बेहतर होती। सत्ता के लालच ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी से वंचित कर दिया।”
“मां किसी की भी हो, सम्मान जरूरी है”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चाहे किसी की भी मां क्यों न हो, उसके लिए अपमानजनक टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में मां को देवतुल्य स्थान दिया गया है और इस तरह की टिप्पणी न केवल राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन है बल्कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों के भी खिलाफ है।
कांग्रेस पर तीखा हमला
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस की राजनीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब सत्ता से दूर होती जा रही है और जनता का विश्वास खो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को सत्ता में आने का सपना छोड़ देना चाहिए क्योंकि देश की जनता अब उसे कभी सत्ता में देखने के लिए तैयार नहीं है।
जीएसटी विवाद पर पलटवार
अपनी बातचीत में शेखावत ने जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) से जुड़े मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी जीएसटी को “गब्बर सिंह टैक्स” कहकर जनता को गुमराह करते थे, आज वे सभी लोग खामोश हैं। शेखावत ने याद दिलाया कि कई कांग्रेस नेता चुनावी मंच से यह दावा करते थे कि सत्ता में आने के बाद वे जीएसटी को खत्म कर देंगे। लेकिन अब वास्तविकता यह है कि सभी दल इस सुधार की महत्ता को समझ चुके हैं और कोई भी इसके खिलाफ बोलने की स्थिति में नहीं है।
जीएसटी सुधारों से जनता को लाभ
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हाल ही में केंद्र सरकार ने जीएसटी ढांचे में बड़े बदलाव किए हैं। पहले जहां कई तरह के टैक्स स्लैब थे, वहीं अब केवल दो स्लैब रह गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे न केवल कर व्यवस्था सरल हुई है, बल्कि आम आदमी को भी सीधा लाभ मिलेगा। शेखावत ने कहा, “जब टैक्स की दरें कम होंगी तो स्वाभाविक रूप से रोजमर्रा की वस्तुएं भी सस्ती होंगी। इसका फायदा हर वर्ग को मिलेगा—चाहे वह किसान हो, व्यापारी हो या आम उपभोक्ता। यह बदलाव देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला है।”
मोदी सरकार की नीतियों का बचाव
गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया के किसी भी देश के आगे झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले एक दशक में जो नीतिगत फैसले लिए हैं, उससे भारत की वैश्विक पहचान और मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा नकारात्मक राजनीति करती रही है और देश की प्रगति में रोड़े अटकाती रही है। वहीं भाजपा का लक्ष्य विकास और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देना है।


