शोभना शर्मा। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा का चौथा सत्र सोमवार, 1 सितम्बर 2025 से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र की तैयारियों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सदन की कार्यवाही के दौरान किसी भी प्रकार की कमी न रहे और सभी शाखाओं का काम समय पर पूरा किया जाए।
अध्यक्ष ने दिए सख्त निर्देश
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बैठक के दौरान कहा कि अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं और सदन की सुचारु कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपनी शाखा से संबंधित कार्यों का स्थल पर जाकर निरीक्षण करें और यदि किसी प्रकार की कमी है तो उसे तत्काल दूर किया जाए। देवनानी ने जोर दिया कि विधानसभा सत्र लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सदन की शाखाओं की समीक्षा
बैठक में विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा ने अध्यक्ष को विभिन्न शाखाओं की तैयारियों से अवगत कराया। उन्होंने सामान्य शाखा, प्रश्न शाखा, सदन शाखा, विधान शाखा, विविध शाखा, सम्पादन शाखा, सुरक्षा शाखा, एनआईसी, पुस्तकालय, शोध संदर्भ तथा पब्लिक रिलेशन शाखा की तैयारियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। देवनानी ने विशेष रूप से प्रश्न शाखा पर जोर देते हुए कहा कि प्रश्नों की लॉटरी और प्रश्न सूची की प्रिंटिंग का कार्य निर्धारित समय पर पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कार्य पारदर्शिता और समयबद्धता से होना चाहिए ताकि विधायकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
ऑनलाइन प्रणाली को मिली प्राथमिकता
बैठक में यह जानकारी सामने आई कि अब विधायक ऑनलाइन प्रश्न अपलोड कर रहे हैं। चौथे सत्र के लिए लगभग 70 प्रतिशत प्रश्न ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हुए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह पारदर्शिता और कार्यकुशलता की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऑनलाइन प्रणाली में यदि कोई तकनीकी समस्या आती है तो उसे तुरंत दूर किया जाए ताकि विधायक बिना किसी रुकावट के अपनी बात सदन तक पहुंचा सकें।
सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
बैठक के दौरान विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। अध्यक्ष ने कहा कि सत्र के दौरान सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। इसके लिए विधानसभा सचिवालय और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि सत्र के दौरान सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए और प्रवेश द्वारों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। इसके अलावा, सभी तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा उपकरणों की जांच समय से कर ली जाए ताकि सत्र के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी न हो।
अधिकारियों से आपसी समन्वय की अपील
अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा सत्र का सफल संचालन अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह सत्र राज्य की जनता से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा का मंच बनेगा, इसलिए इसमें हर स्तर पर पारदर्शिता और अनुशासन होना जरूरी है।
सत्र से जुड़ी अहम बातें
चौथा सत्र 1 सितम्बर से शुरू होगा और इसमें कई विधेयकों तथा नीतिगत मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, विधायकों की ओर से अब तक बड़ी संख्या में प्रश्न और प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि यह सत्र सार्थक चर्चाओं और रचनात्मक बहस का मंच बनेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत बहस और संवाद में है और राजस्थान विधानसभा इस परंपरा को बनाए रखेगी।