मनीषा शर्मा। विश्व प्रसिद्ध बाबा खाटूश्याम के दरबार में इस बार नववर्ष का स्वागत बेहद खास होने जा रहा है। नए साल पर खाटूश्याम में पहली बार पांच दिवसीय विशाल श्याम मेला आयोजित किया जाएगा। हर वर्ष नववर्ष पर दो दिन का मेला लगता था, लेकिन इस बार बढ़ती भीड़ और विशेष तिथियों के कारण इसे पांच दिनों तक विस्तारित किया गया है। प्रशासन का अनुमान है कि इस अवधि में करीब 10 लाख से अधिक श्रद्धालु खाटूधाम पहुंच सकते हैं।
नगर पालिका सभागार में बैठक, व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा
मेले की तैयारियों को लेकर रींगस एसडीएम बृजेश कुमार की अध्यक्षता में नगर पालिका सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले के दौरान सुरक्षा, यातायात, पेयजल, रोशनी, चिकित्सा और सफाई जैसी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। एसडीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समय पर और प्रभावी तरीके से पूरी की जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस बैठक में एएसपी दीपक गर्ग, तहसीलदार महेश ओला, स्टेशन अधीक्षक बाबूलाल बाजिया, एसआई दिलीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने मिलकर भीड़ प्रबंधन, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संयुक्त प्लानिंग की।
रींगस में सबसे अधिक भीड़, विशेष यातायात प्लान तैयार
अधिकारियों ने बताया कि मेले के दौरान सबसे अधिक भीड़ रींगस शहर में रहती है, क्योंकि बाबा श्याम के इस वार्षिक मेले की शुरुआत यहीं से होती है। इसी कारण रींगस में विशेष यातायात प्लान तैयार किया जा रहा है। मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग, अतिरिक्त पुलिस जाब्ता और वैकल्पिक यातायात मार्गों की व्यवस्था की जाएगी। भीड़ प्रबंधन के लिए कई जगहों पर गाइडिंग टीम भी तैनात रहेगी।
पेयजल, रोशनी और चिकित्सा सेवाओं पर विशेष जोर
एसडीएम ने निर्देश दिए कि यात्रियों के लिए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जाए, खासकर मुख्य मार्गों और पार्किंग स्थलों पर। वहीं रोशनी की व्यवस्था भी दुरुस्त रखने पर बल दिया गया, ताकि रात के समय श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
चिकित्सा विभाग को मेले की अवधि में अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाने, एंबुलेंस तैनात करने और मेडिकल टीम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशासन ने दिया आश्वासन, समय पर होंगी सभी तैयारियां
अधिकारियों ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे और मेले की तैयारियों को समय पर पूरा किया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि इस बार आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए सभी सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी और पूरा मेला सुरक्षित एवं व्यवस्थित रहेगा।
पांच दिवसीय मेले के पीछे कारण – तिथियां और भीड़
इस बार दिसंबर माह में पुत्रदा एकादशी सोमवार को पड़ रही है। इससे पहले शनिवार और रविवार को भी श्याम भक्तों की भारी भीड़ रहने की संभावना है। वहीं मंगलवार को नववर्ष का पहला दिन आने से भक्तों की संख्या और बढ़ जाएगी। इन सभी तिथियों को देखते हुए मेले की अवधि दो दिन से बढ़ाकर पांच दिन कर दी गई है। प्रशासन के लिए यह भीड़ प्रबंधन की बड़ी परीक्षा होगी, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि वे पूरी तैयारी के साथ मेले को सफल और सुरक्षित बनाएंगे।


