शोभना शर्मा। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्वविख्यात धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी एक बार फिर श्रद्धा, भक्ति और आस्था के अनुपम दृश्य की साक्षी बनी। बुधवार को बाबा श्याम के दरबार में ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर श्रद्धालु को भाव-विभोर कर दिया। आसमान में मंडराते हेलिकॉप्टर से जब फूलों की बारिश शुरू हुई, तो पूरा मंदिर परिसर और आसपास की श्याम नगरी भक्ति की सुगंध से महक उठी।
बाबा श्याम के दरबार पर फूलों की बारिश
जैसे ही निजी हेलिकॉप्टर मंदिर के ऊपर पहुंचा और बाबा श्याम के दरबार पर पुष्पवर्षा शुरू हुई, श्रद्धालुओं की निगाहें आसमान की ओर टिक गईं। रंग-बिरंगे फूलों की वर्षा के साथ मंदिर परिसर में मौजूद भक्तों ने जयकारे लगाने शुरू कर दिए। “खाटू नरेश की जय”, “हारे के सहारे की जय” और “नीले घोड़े के सवार की जय” के उद्घोषों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। फूलों की वर्षा ने न केवल मंदिर प्रांगण, बल्कि कस्बे की गलियों तक को भक्ति के रंग में रंग दिया।
आगरा के अज्ञात भक्त ने करवाई पुष्पवर्षा
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह पुष्पवर्षा उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी एक श्याम भक्त द्वारा करवाई गई थी। इस भक्त ने अपनी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी। बताया गया कि 23 दिसंबर को सीकर जिला कलेक्टर कार्यालय की ओर से एक निजी हेलिकॉप्टर कंपनी को तीन घंटे की अनुमति जारी की गई थी। इसी स्वीकृति के तहत तय समय पर हेलिकॉप्टर के जरिए पुष्पवर्षा करवाई गई। निजी कंपनी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भक्त ने पहले से ही इसकी बुकिंग करवा रखी थी और इसे पूरी तरह श्रद्धा और आस्था का निजी संकल्प बताया।
पहले भी हो चुकी है पुष्पवर्षा
खाटूश्यामजी में हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी होने पर इसी तरह बाबा श्याम के दरबार में पुष्पवर्षा करवा चुके हैं। हर बार यह दृश्य भक्तों के लिए नया उत्साह और गहरी आस्था लेकर आता है। विशेष रूप से हर साल आयोजित होने वाले फाल्गुनी लख्खी मेले के दौरान हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की परंपरा रही है। फरवरी में प्रस्तावित फाल्गुनी मेले से पहले हुई इस पुष्पवर्षा ने श्याम भक्तों को आने वाले महापर्व का आभास करा दिया।
साढ़े 19 घंटे बाद खुले बाबा श्याम के पट
इधर, अमावस्या के अवसर पर विशेष स्नान और तिलक श्रृंगार के कारण बाबा श्याम मंदिर के पट करीब साढ़े 19 घंटे तक बंद रहे। सोमवार रात लगभग 9:30 बजे पट बंद किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं का खाटू पहुंचने का सिलसिला नहीं रुका। बड़ी संख्या में भक्त मंदिर परिसर के बाहर ही बैठकर धैर्यपूर्वक दर्शन खुलने का इंतजार करते रहे। जैसे ही मंदिर के पट खुले, श्रद्धालु उत्साह के साथ बाबा श्याम के दरबार की ओर बढ़े।
अलौकिक श्रृंगार ने मोहा मन
पट खुलने के बाद बाबा श्याम के अलौकिक और आकर्षक श्रृंगार ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। मंदिर प्रशासन की ओर से दर्शन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए 14 लाइनों में श्रद्धालुओं को कतारबद्ध किया गया। भक्तों ने अनुशासन के साथ बाबा श्याम के दर्शन किए और शीश नवाकर अपनी मनोकामनाएं अर्पित कीं। हर चेहरे पर भक्ति की चमक और हर आंख में श्रद्धा साफ दिखाई दे रही थी।
आस्था और चमत्कारों की नगरी
श्याम भक्तों का कहना है कि खाटूश्यामजी केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और चमत्कारों की जीवंत नगरी है। यहां हर दिन कोई न कोई ऐसा दृश्य देखने को मिलता है, जो भक्तों के विश्वास को और गहरा कर देता है। हेलिकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बाबा श्याम के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था अटूट है और खाटू नगरी में भक्ति के नए-नए नजारे हर रोज देखने को मिलते हैं।


