राजस्थान की राजधानी जयपुर में गुरुवार दोपहर बाद मौसम के अचानक बदले मिजाज ने जनजीवन के साथ-साथ हवाई यातायात को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया। तेज अंधड़, धूलभरी हवाओं और बारिश के कारण जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फ्लाइट संचालन में बाधाएं उत्पन्न हो गईं, जिसके चलते कई विमानों की लैंडिंग प्रभावित हुई। हालात ऐसे बन गए कि कुछ विमानों को लंबे समय तक आसमान में चक्कर लगाते हुए होल्ड पर रखा गया, जबकि कुछ को अन्य शहरों के एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट करना पड़ा।
मौसम के इस अचानक बदलाव का असर सबसे पहले उन फ्लाइट्स पर देखने को मिला जो जयपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के लिए पहुंच रही थीं। इंडिगो की दिल्ली से जयपुर आ रही फ्लाइट 6E-5033, एयर इंडिया एक्सप्रेस की गुवाहाटी से जयपुर की फ्लाइट IX-1514 और पुणे से जयपुर आ रही फ्लाइट IX-2458 को एयर ट्रैफिक कंट्रोल द्वारा एयरपोर्ट के ऊपर ही होल्ड पर रखा गया। इन तीनों विमानों को खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण तुरंत लैंडिंग की अनुमति नहीं दी जा सकी। पायलटों को सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विमान को आसमान में चक्कर लगाते हुए स्थिति सामान्य होने का इंतजार करना पड़ा।
करीब लंबे इंतजार के बाद मौसम में कुछ हद तक सुधार हुआ, जिसके बाद दो फ्लाइट्स को सुरक्षित तरीके से जयपुर एयरपोर्ट पर उतार लिया गया। हालांकि, तीसरी फ्लाइट के लिए हालात अनुकूल नहीं हो सके। पुणे से जयपुर आ रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-2458 को अंततः डायवर्ट करने का निर्णय लिया गया। इस फ्लाइट को निर्धारित समय शाम करीब 5 बजे जयपुर में उतरना था, लेकिन लैंडिंग से ठीक पहले तेज अंधड़ और हवा की गति बढ़ने के कारण स्थिति जोखिमपूर्ण हो गई। पहले इस विमान को कुछ समय तक होल्ड पर रखा गया, लेकिन जब मौसम में सुधार नहीं हुआ, तो इसे लखनऊ के लिए डायवर्ट कर दिया गया, जहां इसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई जानी थी।
इस घटनाक्रम का सबसे ज्यादा असर पुणे से जयपुर आने वाले यात्रियों पर पड़ा, जिन्हें न केवल देरी का सामना करना पड़ा बल्कि उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त इंतजाम भी करने पड़े। अचानक हुए इस बदलाव ने यात्रियों की यात्रा योजनाओं को प्रभावित कर दिया और उन्हें असुविधा झेलनी पड़ी। एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा यात्रियों को लगातार अपडेट देने और उनकी सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास किया गया, लेकिन मौसम की अनिश्चितता के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ सकी।
इसी दौरान देश की राजधानी दिल्ली में भी मौसम खराब हो गया, जिसका असर वहां के हवाई संचालन पर पड़ा। भुवनेश्वर से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1898 को दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल पाई। खराब दृश्यता और प्रतिकूल मौसम के कारण इस विमान को दिल्ली के आसमान में कुछ समय तक होल्ड पर रखा गया। जब हालात में सुधार नहीं हुआ, तो इस फ्लाइट को जयपुर की ओर डायवर्ट कर दिया गया। बाद में यह विमान जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित रूप से उतरा।
जयपुर एयरपोर्ट पर इस तरह की स्थिति ने एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट की चुनौतियों को भी उजागर किया। एक ओर जहां स्थानीय मौसम के कारण लैंडिंग में दिक्कत आ रही थी, वहीं दूसरी ओर अन्य शहरों से डायवर्ट होकर आने वाली फ्लाइट्स के कारण एयरपोर्ट पर दबाव बढ़ गया। इसके बावजूद एयर ट्रैफिक कंट्रोल और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने समन्वय बनाकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम तेजी से बदल रहा है और प्री-मानसून गतिविधियों के चलते अचानक अंधड़ और बारिश की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में हवाई यातायात पर इसका असर पड़ना स्वाभाविक है। तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण विमान की लैंडिंग और टेकऑफ दोनों ही जोखिमपूर्ण हो जाते हैं, जिसके चलते पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी कारण मौसम प्रतिकूल होने पर फ्लाइट्स को होल्ड या डायवर्ट करने जैसे निर्णय लिए जाते हैं। हालांकि, इससे यात्रियों को असुविधा जरूर होती है, लेकिन यह कदम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी होते हैं। जैसे ही मौसम सामान्य होता है, फ्लाइट संचालन को सुचारू रूप से बहाल करने के प्रयास तेज कर दिए जाते हैं।


