शोभना शर्मा। राजस्थान की राजधानी जयपुर में हवाई सफर पिछले कई दिनों से बेहद मुश्किलों से भरा हुआ है। इंडिगो एयरलाइन के ऑपरेशनल संकट और अन्य एयरलाइंस द्वारा अचानक बढ़ाए गए किराए ने यात्रियों की परेशानी को चरम पर पहुंचा दिया है। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लगातार फ्लाइट कैंसिल और री-शेड्यूल्ड होने के कारण हजारों यात्री फंसे हुए हैं, जबकि किराया सामान्य दिनों की तुलना में चार से पांच गुना तक बढ़ गया है। सरकारी स्तर पर किराए में राहत दिए जाने का दावा किया गया था, लेकिन यात्रियों के अनुभव उसके बिल्कुल उलट नजर आ रहे हैं।
किराया आसमान पर, यात्रियों की जेब पर भारी बोझ
जयपुर से गोवा के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस की टिकट 24 हजार रुपये तक और स्पाइसजेट की टिकट 18 हजार रुपये तक बिकी। पुणे के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 20 हजार रुपये से ज्यादा का किराया वसूला, जबकि हैदराबाद जाने वाली एयर इंडिया की टिकट 17 से 28 हजार रुपये के बीच रही। मुंबई रूट पर भी किराया 14 हजार से 24 हजार रुपये तक पहुंच गया। दिल्ली रूट पर भी किराया सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा रहा। कुल मिलाकर हवाई किराया में तेज उछाल के कारण आम यात्रियों की यात्रा कठिन हो गई है।
कई एयरलाइंस केवल कनेक्टिंग फ्लाइट उपलब्ध करा रही हैं, जिससे यात्रियों पर समय और पैसों दोनों का भारी दबाव पड़ रहा है। वर्किंग प्रोफेशनल्स से लेकर नौकरी, इलाज, परीक्षा और शादी समारोह में शामिल होने जा रहे लोग तक आखिरी समय में अत्यधिक परेशानी का सामना कर रहे हैं।
फ्लाइट नहीं तो ट्रेन और बस बने सहारा
इंडिगो की लगातार फ्लाइट रद्द होने के कारण बड़ी संख्या में लोग ट्रेन और बस की ओर रुख कर रहे हैं। परिणामस्वरूप जयपुर से मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, पुणे और अहमदाबाद के लिए जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ देखी जा रही है। स्लीपर से लेकर एसी कोच तक में लंबी वेटिंग चल रही है और कई ट्रेनों में नो-रूम की स्थिति बनी हुई है। तत्काल कोटे में भी टिकट मिलना मुश्किल हो चुका है।
रेलवे स्थिति संभालने के लिए स्पेशल ट्रेनें चला रहा है, लेकिन यात्रियों की संख्या इतनी अधिक है कि स्पेशल ट्रेनों में भी सीट मिलना लगभग असंभव हो गया है। बस और टैक्सी ऑपरेटर्स ने भी किराए बढ़ा दिए हैं और जयपुर से अन्य शहरों के रूटों पर किराया सामान्य से डेढ़ से दो गुना तक वसूला जा रहा है।
यात्री नाराज, रिफंड में हो रही देरी
ऑपरेशनल संकट के बीच रद्द हुई फ्लाइट्स के रिफंड को लेकर भी यात्रियों में नाराजगी है। कई यात्रियों ने बताया कि इंडिगो के काउंटर पर उनसे 6 से 7 दिन में रिफंड भेजने की बात कही जा रही है, लेकिन तत्काल राहत नहीं दी जा रही। कई यात्रियों ने मुश्किल से पैसा जुटाकर टिकट खरीदी थी और अब रिफंड नहीं मिलने के कारण नई टिकट बुक कर पाना भी संभव नहीं है। सरकार के दावा करने के बावजूद यात्रियों का कहना है कि एयरलाइन उन्हें चक्कर कटवा रही है और स्पष्ट जवाब नहीं दे रही।
कितनी फ्लाइट रद्द हुईं, कब मिलेगी राहत
सोमवार को इंडिगो की 11 फ्लाइट रद्द रहीं और लगभग दो दर्जन फ्लाइट घंटों की देरी से रवाना हुईं। हालांकि पिछले कुछ दिनों की तुलना में रद्द फ्लाइटों की संख्या कम है। इससे पहले 45, 28 और 28 फ्लाइट रद्द होने के मामले सामने आ चुके हैं। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, तीन से चार दिनों में स्थिति सामान्य हो सकती है, बशर्ते एयरलाइन की क्रू और तकनीकी कमी की समस्या में सुधार हो जाए।
सूत्रों के मुताबिक, यदि संकट बढ़ता है तो इंडिगो जयपुर से छोटे रूट पर ऑपरेशन बंद कर सकती है और दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े रूट पर फ्लाइट की संख्या घटाने की भी आशंका है। इसके अलावा अगले महीने से जैसलमेर और जोधपुर सहित कुछ रूटों पर संचालन बंद होने की संभावना जताई जा रही है।


